मोदी राज में बेरोजगारी और महंगाई बढ़ गयी है - कांग्रेस....

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से:- रायपुर: प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि "मोदी राज" में देश की जनता महंगाई और बेरोजगारी की दोहरी मार झेलने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि पिछले 12 सालों में भाजपा सरकार ने अपना एक भी वादा पूरा नहीं किया है। आज भाजपा की हर गारंटी फेल साबित हो चुकी है, और झूठी वादाखिलाफी व कोरी लफ्फाजी ही 'मोदी की गारंटी' बनकर रह गई है।
रोजगार के मोर्चे पर पूरी तरह विफल रही सरकार
सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि भाजपा ने अपने 2014 के घोषणापत्र में 25 करोड़ नौकरियां देने का वादा किया था, लेकिन खुद केंद्र सरकार ने माना है कि 2014 के बाद से देश में केवल 1.2 करोड़ नौकरियां ही सृजित हुई हैं, जो मूल वादे का बीसवां हिस्सा भी नहीं है। वर्तमान स्थिति यह है कि 25 वर्ष से कम आयु के 10 में से 4 स्नातक युवा बेरोजगार घूमने को विवश हैं। इंटरनेशनल लेबर ऑर्गेनाइजेशन (ILO) की रिपोर्ट के अनुसार, देश के कुल बेरोजगारों में से 83% युवा हैं।
महंगाई से टूटी आम आदमी की कमर
उन्होंने कहा कि जब से मोदी सरकार सत्ता में आई है, महंगाई ने नागरिकों का जीना मुहाल कर दिया है। 2014 में जो घरेलू गैस सिलेंडर 410 रुपये का मिलता था, आज उसकी कीमत 1,017 रुपये के पार पहुँच चुकी है और वह भी आसानी से उपलब्ध नहीं है। पेट्रोल के दाम 70 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 108 रुपये के पार और डीजल के दाम 55 रुपये से बढ़कर लगभग 101 रुपये प्रति लीटर तक पहुँच गए हैं। सरकार ने महंगाई से जूझ रही आम जनता, व्यावसायिक संस्थानों और उद्योगों पर लगातार कुठाराघात किया है। हाल ही में कमर्शियल सिलेंडर के दामों में भारी बढ़ोतरी की गई है, जिसमें एकमुश्त 993 रुपये की भारी वृद्धि और गरीबों तथा प्रवासी श्रमिकों द्वारा उपयोग किए जाने वाले 5 किलो वाले सिलेंडर के दाम में 261 रुपये की वृद्धि शामिल है। अकेले बीते पाँच महीनों में कमर्शियल गैस के दामों में भारी उछाल आया है—जनवरी में 111 रु., फरवरी में 50 रु., मार्च में 146 रु., अप्रैल में 218 रु., और मई में 993 रु. की वृद्धि दर्ज की गई है। अब घरेलू गैस, पेट्रोल और डीजल के दामों में और अधिक वृद्धि की आशंका से जनता डरी हुई है।
किसानों की आय दोगुनी करने का दावा हवा-हवाई
सुरेंद्र वर्मा ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था। इस लक्ष्य को पाने के लिए 2015 से हर साल किसानों की आय में 10% की वृद्धि आवश्यक थी, लेकिन वास्तविक वृद्धि मात्र 3.5% ही रही है। इस धीमी गति से तो यह गारंटी वर्ष 2035 में ही पूरी हो सकेगी। वहीं, एनसीआरबी (NCRB) के आँकड़े बताते हैं कि देश में आज भी हर दिन औसतन 30 किसान आत्महत्या करने को मजबूर हैं।
नोटबंदी और आयुष्मान भारत योजना पर सवाल
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि नोटबंदी की योजना देश के लिए नासूर साबित हुई। काले धन की वापसी, जालसाजी पर अंकुश, आतंकवाद पर लगाम और भ्रष्टाचार के अंत जैसे सभी दावे फेल हो गए। बंद हुई 99% करेंसी वापस सिस्टम में लौट आई, जो आर्थिक आतंकवाद से कम नहीं थी। इसके अलावा, मोदी सरकार की प्रमुख स्वास्थ्य योजना 'आयुष्मान भारत' भी दम तोड़ चुकी है। CAG की रिपोर्ट से खुलासा हुआ कि योजना के 7.5 लाख से अधिक लाभार्थी अमान्य थे। अकेले मध्य प्रदेश में 'मृत' घोषित किए जा चुके 400 से अधिक मरीजों के नाम पर 1 करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान कर दिया गया।
असमानता और कर्ज की आग में झोंका देश
सुरेंद्र वर्मा ने ऑक्सफैम (Oxfam) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि मोदी सरकार ने देश को असमानता और कर्ज की आग में झोंक दिया है और सिर्फ गिने-चुने उद्योगपति मित्रों ('धन्ना सेठों') को फायदा पहुँचाया है। रिपोर्ट के अनुसार, देश के शीर्ष 5% अमीर लोगों के पास 60% से अधिक संपत्ति है, जबकि निचले 50% लोगों के पास मात्र 3% संपत्ति बची है। विडंबना यह है कि इन निचले 50% गरीबों की जीएसटी में हिस्सेदारी 64% है, जबकि शीर्ष 10% रईसों की जीएसटी में हिस्सेदारी केवल 3% है, जिनके पास देश की 70% से 80% संपत्ति केंद्रित है। #Congress #SurendraVerma #Inflation #Unemployment #ModiGovernment #CGNews #IndianPolitics #OxfamReport #GST #BreakingADNNews






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