विकसित भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत स्थानीय आवश्यकतानुसार 375 कार्यों में से करें चयन: उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा....
जिला पंचायत प्रतिनिधियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में रोजगार और आजीविका मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन पर दिया जोर; 175 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी.....

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से :-
रायपुर: विकसित भारत- रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर उपमुख्यमंत्री और पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राज्य के जिला पंचायत अध्यक्षों, उपाध्यक्षों और सदस्यों से संवाद किया। बैठक में योजना के तहत जिलों में स्वीकृत कार्यों की प्रगति और जमीनी स्तर पर इसके क्रियान्वयन की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।

स्थानीय जरूरतों के अनुसार कार्यों का चयन -
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पंचायत प्रतिनिधियों से बारी-बारी संवाद कर जमीनी स्तर पर आ रही कठिनाइयों को समझा। उन्होंने सभी को निर्देशित किया कि अब 375 प्रकार के अनुमेय (स्वीकृत योग्य) कार्यों में से स्थानीय आवश्यकता के अनुसार कार्यों का चयन करें। ग्राम पंचायतों में पर्याप्त संख्या में कार्य स्वीकृत किए गए हैं और ग्राम सभा के माध्यम से नए कार्य भी लिए जा सकते हैं।
60:40 का अनुपात और जल संरक्षण को प्राथमिकता -
उन्होंने बताया कि योजना में मजदूरी और सामग्री का 60:40 अनुपात बनाए रखना अनिवार्य है। इसके अलावा जल संरक्षण से संबंधित कम से कम 30 प्रतिशत कार्यों को प्राथमिकता देते हुए ग्राम सभाएं अपनी आवश्यकतानुसार अतिरिक्त कार्य स्वीकृत कर सकती हैं। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से योजना का लाभ ग्रामीणों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर जोर दिया।

निर्माण कार्यों के लिए बनेगा क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम -
बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा ने स्वीकृत कार्यों के गुणवत्तापूर्ण निर्माण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जल्द ही 'क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम' तैयार किया जाएगा, जिससे निर्माण कार्यों की प्रभावी निगरानी हो सकेगी।
खेत सड़क, धरसा और बालिका शौचालय निर्माण पर फोकस -
विकसित भारत मिशन के आयुक्त तारन प्रकाश सिन्हा ने जिला पंचायत सदस्यों की तकनीकी समस्याओं का समाधान किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयासों से किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 'खेत सड़क' और 'धरसा' को भी स्वीकृत कार्यों में शामिल किया गया है। इसके अलावा प्रदेश में बालिका शौचालय, मुक्तिधाम शेड और खराब बोरवेल (डिफंक्ट बोरवेल) रिचार्ज जैसे कार्यों को प्राथमिकता से लिया जा रहा है।
मैनपॉवर बढ़ाने 175 पदों पर भर्ती शुरू -
योजना के सुचारू संचालन के लिए मानव संसाधन को मजबूत किया जा रहा है। प्रथम चरण में 175 पदों पर भर्ती की स्वीकृति दी गई है, जिनमें कार्यक्रम अधिकारी, कंप्यूटर प्रोग्रामर और लेखापाल के पद शामिल हैं। इसके अतिरिक्त बस्तर, बीजापुर और नारायणपुर जिलों में 63 रोजगार सहायक पदों पर भर्ती की अनुमति भी दी गई है। मनरेगा के शेष लंबित भुगतान के संबंध में भी भारत सरकार को पत्र भेजा जा चुका है।






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