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कृषि क्षेत्र में स्टार्टअप्स की अपार संभावनाएं, नौकरी मांगने वाले नहीं बल्कि देने वाले बनें युवा: रामविचार नेताम.....

3 days ago
2 min read

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की कलम से :-

रायपुर (30 सितंबर 2026): युवाओं को अब सिर्फ नौकरी के पीछे भागने के बजाय नए उद्यम स्थापित करने की दिशा में सोचना चाहिए, विशेषकर कृषि के क्षेत्र में, जहां इनोवेशन (नवाचार) की सबसे ज्यादा संभावनाएं मौजूद हैं। यह बात छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित तीन दिवसीय 'छत्तीसगढ़ यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव 2026' के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कही।

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि देश की 65 प्रतिशत आबादी युवाओं की है, जिनके भीतर कुछ नया कर गुजरने का जबरदस्त जुनून है। केंद्र सरकार की 'स्टार्टअप इंडिया', 'स्किल इंडिया' और राज्य सरकार की 'निपुण' जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं इन युवाओं को उद्यमी बनने और एक नई सोच के साथ देश के विकास को गति देने के लिए प्रेरित कर रही हैं। यह विशाल कॉन्क्लेव 28 से 30 सितंबर तक कृषि मंडपम में आईआईटी भिलाई, एनआईटी रायपुर, आईआईआईटी नवा रायपुर, छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (CGCOST), छत्तीसगढ़ बायोटेक प्रमोशन सोसायटी और नाबार्ड के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।


टॉप तीन स्टार्टअप्स को मिला नकद इनाम -

कार्यक्रम के दौरान अपने बेहतरीन आइडिया और व्यावसायिक मॉडल (पिचिंग) पेश करने वाले टॉप तीन नवाचारी स्टार्टअप्स को सम्मानित किया गया। इन्हें प्रोत्साहन स्वरूप क्रमशः एक लाख, पचहत्तर हजार और पचास हजार रुपये की नकद पुरस्कार राशि प्रदान की गई। साथ ही, कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने नवनिर्मित 'सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इनक्यूबेशन सेंटर' का भी जायजा लिया और वहां की सुविधाओं का अवलोकन किया।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती -

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल भी मौजूद रहे। उन्होंने युवाओं को नई तकनीक के साथ कृषि आधारित उद्यम शुरू करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कृषि स्टार्टअप्स से न केवल युवाओं को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी जबर्दस्त मजबूती मिलेगी।


1200 से अधिक युवा और उद्यमी हुए शामिल -

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने बताया कि तीन दिनों तक चले इस कॉन्क्लेव में 1200 से अधिक विद्यार्थियों और उद्यमियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान 24 स्टार्टअप्स ने अपने नवाचार और तकनीक का प्रदर्शन किया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को मेंटरशिप, निवेश, तकनीकी और बाजार संबंधी सहायता प्रदान कर उन्हें एक सफल उद्यमी बनाना है।


समारोह में राज्य कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष सुरेश चंद्रवंशी, कृषि संचालक राहुल देव, बाइरेक (नई दिल्ली) की डिप्टी मैनेजर डॉ. दीक्षा राठौर और सीजीकॉस्ट के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अमित दुबे ने भी अपने विचार साझा किए। कृषि महाविद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. आरती गुहे ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर आयोजन सचिव डॉ. वी.के. त्रिपाठी, डॉ. हुलास पाठक, कुलसचिव डॉ. कपिलदेव दीपक समेत कई विशेषज्ञ और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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