google.com, pub-3310156774694367, DIRECT, f08c47fec0942fa0
top of page
WhatsApp Image 2025-09-10 at 15.54_edite
ADN FILMS POSTER

BREAKING ADN NEWS

WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.31.jpeg
WhatsApp Image 2026-09-08 at 12.10.10.jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.30 (2).jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.31 (1).jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.30 (1).jpeg

गोंदिया-जबलपुर रेल मार्ग के दोहरीकरण से सुधरेगा उत्तर-दक्षिण संपर्क, 5235 करोड़ से बदलेगी तस्वीर...

56 minutes ago
2 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत आने वाले गोंदिया और जबलपुर रेलखंड के दोहरीकरण का कार्य अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 5,235 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिसके तहत कुल 231 किलोमीटर लंबी लाइन को डबल किया जाएगा। हाल ही में इस पूरे ट्रैक का सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है। इस कार्य के पूर्ण होने से महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के बीच सफर तो आसान होगा ही, साथ ही देश के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों के बीच ट्रेनों की आवाजाही भी कहीं अधिक सुगम हो जाएगी।


यह पूरा कार्य तीन चरणों में संपन्न होगा, जिसमें गोंदिया से बालाघाट (42 किमी), बालाघाट से नैनपुर (82.40 किमी) और नैनपुर से जबलपुर (106.80 किमी) का हिस्सा शामिल है। इस पूरे रूट का ज्यादातर हिस्सा यानी 213 किलोमीटर मध्य प्रदेश में और 18 किलोमीटर महाराष्ट्र की सीमा में आता है। इस रेल मार्ग पर कुल 23 स्टेशन हैं, जिनमें प्रतापबाग, बिरसोला, बालाघाट, नैनपुर, घंसौर, बरगी और कछपुरा जैसे तमाम महत्वपूर्ण स्टेशन शामिल हैं।


निर्माण कार्य के दौरान कुल 507 पुल बनाए जाने की योजना है, जिनके डिजाइन और लेआउट तैयार हो चुके हैं। इसके अलावा 21 स्टेशनों के यार्ड प्लान भी फाइनल किए जा चुके हैं। प्रोजेक्ट के तहत 10 नए स्टेशन भवनों का निर्माण किया जाएगा और 31 जगहों पर अन्य यूटिलिटी सेवाओं को शिफ्ट किया जाएगा। पर्यावरण और वन्यजीवों की सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है, जिसके तहत रूट पर अंडरपास और फेंसिंग बनाई जाएगी, साथ ही भूमि अधिग्रहण और सरकारी जमीन के ट्रांसफर की प्रक्रिया भी अलग-अलग चरणों में पूरी की जा रही है।


गोंदिया-जबलपुर रेल रूट उत्तर और दक्षिणी भारत को आपस में जोड़ने वाला एक बेहद अहम लिंक है। यह गोंदिया में हावड़ा-मुंबई रूट और जबलपुर में इटारसी-वाराणसी रूट से मिलता है। वाराणसी और प्रयागराज से चलकर चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद जाने वाले रूटों में इसकी खासी अहमियत है। ट्रैक डबल होने के बाद इस पर अधिक संख्या में यात्री और मालगाड़ियां चलाई जा सकेंगी, जिससे ट्रेनों की टाइमिंग में भी सुधार होगा।


रेलवे का अनुमान है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद हर साल लगभग 350 करोड़ रुपये की लॉजिस्टिक लागत बचेगी और करीब 7.6 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई की क्षमता विकसित होगी। इसके अलावा कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी आने की बात भी कही गई है, जो लाखों पेड़ लगाने के बराबर है। निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। इस बदलाव से बालाघाट, सिवनी, मंडला और जबलपुर जैसे क्षेत्रों में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि कान्हा नेशनल पार्क, पेंच टाइगर रिजर्व और धुआंधार जैसे प्रसिद्ध पर्यटक स्थलों तक पहुंचना अब यात्रियों के लिए और अधिक सुविधाजनक हो जाएगा।

Comments


© 2018 by Anis lala dani. Proudly created with breakingadnnews.com

  • Subscribe Channale
bottom of page
naver-site-verification: navere8d42c0359e3e135363406d5b6093c27.html