साइबर ठगों का पर्दाफाश: डाटा एंट्री के जाल में फंसाकर हड़पे 39 लाख, उत्तराखंड से दो गिरफ्तार.....

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-
छ्त्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक शातिर ठगी का मामला सामने आया है, जहां घर बैठे काम देने का लालच देकर एक व्यक्ति से करीब 39 लाख रुपये की भारी-भरकम रकम ऐंठ ली गई। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस की मदद से कार्रवाई करते हुए इस मामले में उत्तराखंड से दो शातिर आरोपियों को दबोच लिया है।
भिलाई के नेहरू नगर इलाके में रहने वाले एक स्थानीय निवासी को ऑनलाइन बिजनेस पोर्टल के जरिए नोएडा की एक फर्जी कंपनी 'ग्रीन रेस प्राइवेट लिमिटेड' से जोड़ा गया था। जालसाजों ने उसे मेडिकल और कंस्ट्रक्शन जैसे विभिन्न क्षेत्रों के प्रोजेक्ट का डाटा एंट्री काम दिलाने का झांसा दिया। शुरुआत में कुछ छोटे काम देकर पीड़ित का भरोसा जीता गया, जिसके बाद असली खेल शुरू हुआ।
धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने एक नया पैंतरा अपनाया। पीड़ित को बताया गया कि उसका किया गया सारा काम करप्ट यानी खराब हो चुका है। इसे दोबारा ठीक करने और रिकवर करने के नाम पर अलग-अलग सॉफ्टवेयर टूल्स खरीदने की बात कही गई। इसके बाद सॉफ्टवेयर और पेमेंट रिलीज कराने के बहाने से पीड़ित के बैंक खाते से कुल 39 लाख 33 हजार 560 रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवा लिए गए।
जब पीड़ित को अपने साथ हुई बड़ी ठगी का अहसास हुआ, तब उसने तुरंत स्थानीय पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की। साइबर सेल और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जब बैंक खातों और मोबाइल नंबरों को खंगाला गया, तो आरोपियों की लोकेशन उत्तराखंड के नैनीताल जिले के हल्द्वानी में मिली।
सूचना मिलते ही पुलिस की एक विशेष टीम ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में दबिश दी और दो संदिग्धों को धर दबोचा। पकड़े गए आरोपियों की पहचान राम निवास (उत्तर प्रदेश के बरेली का निवासी, हाल निवासी हल्द्वानी) और राहुल बिष्ट (हल्द्वानी निवासी) के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके पास से ठगी में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। फिलहाल दोनों को न्यायालय में पेश कर आगे की पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल है।






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