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राजधानी बन चुका है लापता शहर, जहां हर घंटे 7 लोग लापता हो रहे - कांग्रेस...

28 minutes ago
2 min read

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से :-

छत्तीसगढ़ में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और तेजी से बढ़ते अपराधों को लेकर मुख्य विपक्षी दल ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया है। राजधानी से एक ही दिन में भारी संख्या में महिलाओं और बच्चों के लापता होने की घटनाओं पर गहरी चिंता जताते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं।


लापता शहर में तब्दील हुई राजधानी -

पार्टी के प्रमुख प्रवक्ता की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ की जनता ने जिस उम्मीद के साथ सत्ता बदली थी, आज वही राजधानी एक 'लापता शहर' बन चुकी है। आंकड़े डराने वाले हैं—महज 24 घंटे के भीतर रायपुर से 159 लोगों की गुमशुदगी के मामले सामने आए हैं, जिनमें 78 महिलाएं और 17 मासूम बच्चे भी शामिल हैं। हिसाब लगाया जाए तो हर घंटे औसतन 7 लोग गायब हो रहे हैं, जो सीधे तौर पर प्रशासनिक तंत्र की नाकामी को उजागर करता है।


गृह मंत्री पर साधा निशाना, मांगा इस्तीफा -

बयान में तीखा प्रहार करते हुए कहा गया है कि शहर में अपराधियों के दिलों से कानून और पुलिस का खौफ पूरी तरह खत्म हो चुका है। सरकार का नियंत्रण व्यवस्था पर से पूरी तरह उठ गया है। एक तरफ जहां बहन-बेटियां और बच्चे सुरक्षित नहीं हैं, वहीं गृह मंत्री अपनी प्राथमिक जिम्मेदारियों से दूर बयानबाजी और आयोजनों में व्यस्त हैं। पार्टी ने दो टूक कहा है कि यदि थोड़ी भी नैतिकता बाकी बची है, तो गृह मंत्री को फौरन अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।


मानव तस्करी और संगठित अपराध की आशंका -

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि एक ही दिन में 159 लोगों का गायब होना केवल साधारण गुमशुदगी नहीं, बल्कि मानव तस्करी और बड़े संगठित अपराधों की ओर इशारा करता है। आज स्थिति यह है कि माताएं और बहनें घर से बाहर निकलने में भी असुरक्षित महसूस कर रही हैं। खुफिया तंत्र पूरी तरह से फेल हो चुका है और पुलिस का उपयोग केवल राजनीतिक विरोधियों पर नजर रखने के लिए किया जा रहा है, जबकि आम नागरिकों की सुरक्षा भगवान भरोसे छोड़ दी गई है।


पूर्ववर्ती सरकार के सुरक्षा उपायों का दिया हवाला -

तुलना करते हुए याद दिलाया गया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में 'अभिव्यक्ति ऐप' और 'डायल 112' जैसी पहलों से महिलाओं और आम जनता को त्वरित सुरक्षा मिलती थी, जिससे अपराधियों में डर बना रहता था। लेकिन मौजूदा शासन में पुलिस की गश्त और सर्विलांस सिस्टम पूरी तरह ठप पड़ चुके हैं, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।

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