स्मार्ट PDS व्यवस्था से जनता परेशान: पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पुरानी व्यवस्था बहाल करने की उठाई मांग....

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से:-
रायपुर | 2 अक्टूबर 2026 छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर राज्य में लागू नई स्मार्ट पीडीएस (PDS) प्रणाली की गंभीर खामियों पर नाराजगी जताई है। उन्होंने इस तकनीकी व्यवस्था को पूरी तरह से रद्द कर पुरानी प्रक्रिया को फिर से लागू करने की पुरजोर मांग की है।
अपने पत्र में उन्होंने बताया कि नए राशन कार्ड सॉफ्टवेयर में कई तरह की तकनीकी और व्यावहारिक विसंगतियां हैं, जिसके कारण आम जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मुख्य बिंदु:
जाति प्रमाण-पत्र की अनिवार्यता से बढ़ी मुश्किलें: नए नियमों के तहत अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के गरीब परिवारों के लिए नया राशन कार्ड बनवाते समय जाति कॉलम में जाति प्रमाण-पत्र अपलोड करना अनिवार्य कर दिया गया है।
नाम जुड़वाने में आ रही बाधा: जिन परिवारों में विवाह या जन्म के बाद नए सदस्य जुड़े हैं, उनके पास तुरंत जाति प्रमाण-पत्र न होने के कारण उनका नाम राशन कार्ड में शामिल नहीं हो पा रहा है।
दस्तावेज अपलोड करने में तकनीकी अड़चनें: सॉफ्टवेयर की कमियों के चलते कई जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड ही नहीं हो पा रहे हैं, जिससे प्रक्रिया ठप पड़ गई है।
आयुष्मान योजना पर भी असर: राशन कार्ड की इन तकनीकी समस्याओं का सीधा असर आम आदमी पर पड़ रहा है। इसके चलते लोगों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिलने में भी बड़ी बाधा उत्पन्न हो रही है।
पूर्व मंत्री ने चेतावनी दी है कि यदि इस गंभीर समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो जनता का आक्रोश सड़कों पर फूट सकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री से तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील करते हुए मांग की है कि स्मार्ट PDS सिस्टम को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए और पूर्व की सुगम व्यवस्था बहाल की जाए, ताकि आम जनता को राशन और इलाज के लिए दर-दर न भटकना पड़े।






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