पीएम आवास योजना ने संवारी गौरेला के मजदूर की जिंदगी, कच्चे मकान का दर्द हुआ दूर...

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रायपुर। बदलते भारत की तस्वीर का एक सुखद पहलू गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में देखने को मिला है। सालों तक टपकती छत और कच्चे मकान में दिन गुजारने वाले एक मजदूर परिवार का पक्के घर का सपना अब हकीकत में बदल चुका है। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना ने गौरेला के रवान पारा (वार्ड 11) में रहने वाले शिवप्रसाद भट्ट की जिंदगी को एक नई दिशा दी है।
मजदूरी करके अपने परिवार का पेट पालने वाले शिवप्रसाद के लिए खुद का मकान बनाना किसी बड़े सपने जैसा था। पत्नी, एक बेटे और एक बेटी वाले इस परिवार को हर साल बारिश के मौसम में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। लेकिन, जब उन्हें पीएम आवास योजना के बारे में पता चला, तो उन्होंने नगर पालिका में आवेदन किया। यह कदम उनके लिए उम्मीद की किरण साबित हुआ। स्वीकृति मिलने पर 2 लाख 30 हजार रुपये की सहायता राशि से उनके पक्के मकान का निर्माण पूरा हो सका।
पक्की छत मिलने के बाद अब यह परिवार सुरक्षित और खुशहाल जीवन बिता रहा है। खास बात यह है कि शिवप्रसाद के परिवार को सरकार की अन्य अहम जनकल्याणकारी योजनाओं का भी सीधा लाभ मिला है। रसोई के धुएं से आज़ादी दिलाने के लिए 'उज्ज्वला योजना' के तहत गैस कनेक्शन और 'स्वच्छ भारत मिशन' के अंतर्गत शौचालय की सुविधा भी उन्हें दी गई है। इसके अलावा, राज्य सरकार की 'महतारी वंदन योजना' से उनकी पत्नी को हर महीने 1,000 रुपये की आर्थिक मदद भी मिल रही है।
अपनी इस खुशी का इज़हार करते हुए शिवप्रसाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का दिल से आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि उनके जैसे गरीब मजदूर के लिए अपने दम पर पक्का घर बनाना आसान नहीं था, लेकिन शासन की मदद से आज उनका परिवार सम्मानजनक जीवन जी रहा है। शिवप्रसाद भट्ट की यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि जब सरकारी योजनाएं जरूरतमंदों तक पहुंचती हैं, तो वे सिर्फ एक मकान की छत नहीं बदलतीं, बल्कि पूरे परिवार के भविष्य और आत्मसम्मान की नींव मजबूत करती हैं।






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