यूपीआई पर शुल्क के खिलाफ जनता और व्यापारी सरकार फैसला वापस ले - कांग्रेस.....

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से :-
रायपुर: यूपीआई (UPI) लेनदेन पर लगाए गए शुल्क को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा है कि यूपीआई पर शुल्क के फैसले के खिलाफ आम जनता और व्यापारी, दोनों में भारी आक्रोश है। उन्होंने सरकार से हठधर्मिता छोड़कर इस फैसले को तत्काल वापस लेने और पूर्व की तरह डिजिटल लेनदेन को निःशुल्क करने की मांग की है।
नगदी की ओर लौट रहे व्यापारी, जनता परेशान -
धनंजय सिंह ठाकुर ने बताया कि यूपीआई पर शुल्क लगने के बाद से व्यापारी अब नगदी में लेनदेन करने को मजबूर हैं, जबकि आम जनता के पास नगदी की कमी है। कई जगहों पर यह शुल्क सीधे जनता से वसूला जा रहा है। व्यापारियों का तर्क जायज है कि वे यूपीआई शुल्क का आर्थिक नुकसान क्यों सहें। सरकार का यह दावा पूरी तरह भ्रामक साबित हुआ है कि इस शुल्क का भार जनता पर नहीं, बल्कि व्यापारियों पर पड़ेगा। जिस यूपीआई को देश की डिजिटल क्रांति की पहचान बताकर प्रचारित किया गया था, आज उसी के इस्तेमाल से लोग आर्थिक नुकसान के डर से बच रहे हैं।
कैशलेस के नाम पर जेब काटने की कोशिश -
उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले सरकार ने देश की जनता को कैशलेस भुगतान की ओर धकेला और अब उसी व्यवस्था को कमाई का जरिया बनाया जा रहा है। देश का एक छोटा दुकानदार भी दिनभर में दर्जनों डिजिटल लेनदेन करता है। हर लेनदेन पर शुल्क लगने से सीधा असर उसके मुनाफे और आम उपभोक्ता की जेब पर पड़ रहा है।
विदेशी पूंजीपतियों का एटीएम बनाने का आरोप -
कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार यूपीआई पेमेंट को विदेशी पूंजीपतियों की वसूली का एटीएम बनाना चाहती है, जो देश के लोगों के साथ सरासर अन्याय है। देश की जनता पहले से ही महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक दबाव से त्रस्त है। ऐसे में डिजिटल भुगतान पर टैक्स लगाने से महंगाई और बढ़ेगी तथा आमदनी घटेगी। कांग्रेस ने सरकार से स्पष्ट मांग की है कि जनता की जेब काटना बंद किया जाए और यूपीआई पर शुल्क लगाने का फैसला तुरंत वापस लिया जाए।






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