पाटन चुनाव मामला: पूर्व सीएम भूपेश बघेल की SLP सुप्रीम कोर्ट से खारिज...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
नई दिल्ली/रायपुर :- छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पाटन विधानसभा चुनाव से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी ओर से दायर विशेष अनुमति याचिका (SLP) को खारिज कर दिया है। अब यह मामला बिलासपुर हाईकोर्ट में ही आगे चलेगा, जहां 5 अक्टूबर से चुनाव याचिका पर सुनवाई प्रस्तावित है। यह मामला वर्ष 2023 के पाटन विधानसभा चुनाव परिणाम को चुनौती देने से जुड़ा हुआ है। भाजपा नेता और पाटन विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी रहे विजय बघेल ने भूपेश बघेल के निर्वाचन को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर की थी।
जानकारी के अनुसार, विजय बघेल ने अपनी याचिका में भूपेश बघेल के निर्वाचन को रद्द करने की मांग की है। याचिका में चुनाव प्रचार के दौरान नियमों के उल्लंघन से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। याचिकाकर्ता की ओर से आरोप लगाया गया है कि प्रचार अवधि समाप्त होने के बाद भी गतिविधियां जारी रहीं और निषेध अवधि के दौरान चुनाव नियमों का पालन नहीं किया गया। इन्हीं आधारों पर वर्ष 2023 के पाटन विधानसभा चुनाव परिणाम को अदालत में चुनौती दी गई है।
भूपेश बघेल की ओर से हाईकोर्ट में इस चुनाव याचिका को शुरुआती स्तर पर खारिज करने की मांग की गई थी। उनके पक्ष के वकीलों ने याचिका को आधारहीन बताते हुए इसे निरस्त करने का तर्क रखा था। हालांकि, हाईकोर्ट ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया और मामले की सुनवाई आगे बढ़ाने का फैसला लिया। इसके बाद भूपेश बघेल की ओर से हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। अब सुप्रीम कोर्ट द्वारा विशेष अनुमति याचिका खारिज किए जाने के बाद मामला फिर से बिलासपुर हाईकोर्ट में चलेगा।
हाईकोर्ट में अब 5 अक्टूबर से मामले की आगे की कार्रवाई शुरू होगी। इस दौरान चुनाव याचिका से जुड़े साक्ष्य दर्ज किए जाएंगे। याचिकाकर्ता पक्ष की ओर से दस्तावेज और अन्य प्रमाण अदालत के सामने प्रस्तुत किए जाएंगे। इसके अलावा गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे और दोनों पक्षों के वकील अपनी दलीलें रखेंगे। अदालत सभी तथ्यों और दस्तावेजों की समीक्षा के बाद मामले में आगे की प्रक्रिया पूरी करेगी।
भाजपा नेता विजय बघेल ने वर्ष 2023 में पाटन विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था। चुनाव परिणाम में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद उन्होंने भूपेश बघेल के निर्वाचन को अदालत में चुनौती दी। चुनावी याचिका में उन्होंने निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं और अदालत से चुनाव परिणाम को रद्द करने की मांग की है। सुप्रीम कोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद अब सभी की नजरें बिलासपुर हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं। हालांकि, इस मामले में अभी अंतिम फैसला आना बाकी है। कानूनी प्रक्रिया के तहत दोनों पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा। अदालत में साक्ष्य, गवाहों के बयान और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर आगे निर्णय लिया जाएगा।






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