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पौने तीन सालो में राम वन गमन पथ पर एक ईट भी नहीं लगाया - कांग्रेस...

24 hours ago
2 min read

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की कलम से :-

छत्तीसगढ़ में राम वन गमन पथ के विकास को लेकर सियासत गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीयत राम वन गमन पथ को पूरा करने की बिल्कुल नहीं है और जनता के आक्रोश से ध्यान भटकाने के लिए अब नए स्थलों को चिह्नित करने का नाटक किया जा रहा है।


पौने तीन साल में एक ईंट तक नहीं लगी -

कांग्रेस ने कहा कि भाजपा सरकार को सत्ता में आए पौने तीन साल का समय बीत चुका है, लेकिन इस अवधि में राम वन गमन पथ के विकास के नाम पर एक ईंट भी नहीं रखी गई। स्थिति यह है कि चंदखुरी में भगवान राम की मूर्ति बनकर पूरी तरह तैयार रखी है, मगर सरकार उसे भी बदल पाने में नाकाम रही है। कांग्रेस का कहना है कि भाजपा केवल भगवान राम के नाम पर राजनीति करना जानती है, उन्हें धार्मिक कार्यों से कोई सरोकार नहीं है।


कांग्रेस कार्यकाल में हुए थे बड़े काम -

प्रेस विज्ञप्ति के जरिए कांग्रेस ने दावा किया कि 15 साल के अपने लंबे शासनकाल में भाजपा माता कौशल्या और भगवान राम को पूरी तरह भूल चुकी थी। इसके विपरीत, पिछली कांग्रेस सरकार ने महज पांच साल के भीतर सीतामढ़ी हरचौका से लेकर रामाराम तक करीब 2260 किलोमीटर के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को अमलीजामा पहनाया था और 10 प्रमुख स्थानों को विकसित किया था। आरोप है कि नई सरकार के आते ही इन सभी विकास कार्यों पर ब्रेक लगा दिया गया।


रामायण सर्किट से छत्तीसगढ़ को बाहर रखने पर तंज -

केंद्र सरकार की रामायण सर्किट परियोजना को लेकर भी कांग्रेस ने कड़ा ऐतराज जताया है। पार्टी का कहना है कि भगवान राम ने अपने 141 वर्ष के वनवास का अधिकांश समय छत्तीसगढ़ (तत्कालीन कौशल प्रदेश) में बिताया था। छत्तीसगढ़ को भगवान राम का ननिहाल और माता कौशल्या का मायका माना जाता है, जो विश्व का इकलौता माता कौशल्या मंदिर भी है। इसके बावजूद, रामायण सर्किट में छत्तीसगढ़ के स्थलों को शामिल न करना राज्य की संस्कृति के प्रति दुर्भावना को साफ दर्शाता है।


कांग्रेस ने अंत में यह आरोप लगाया कि भाजपा के लिए 'जय श्री राम' का नारा सिर्फ सत्ता हासिल करने का एक माध्यम भर है, और चुनाव जीतने के बाद पार्टी राम और संस्कृति दोनों को बिसरा देती है।

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