भाजपा के राज में महंगी बिजली और बिजली कटौती हो रही...
पहले बिजली बेचता था छत्तीसगढ़, भाजपा राज में खरीदना पड़ रहा - कांग्रेस |

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की कलम से :-
रायपुर :- भाजपा के शासन काल में बिजली उत्पादन भी प्रभावित हो रहा है। प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि पहले छत्तीसगढ़ दूसरों को बिजली बेचता था आज खरीदना पड़ रहा है। यह सरकार के कुप्रबंधन का परिणाम है। भाजपा सरकार महंगी बिजली बेच रही, स्मार्ट मीटर से लूट रही, अब बिजली उत्पादन भी नहीं कर पा रही है। उत्तरप्रदेश, तेलंगाना, झारखंड, उड़ीसा जैसे राज्यों को छत्तीसगढ़ बिजली बेचता था, आज छत्तीसगढ़ को बिजली खरीदने की नौबत आ गयी।
प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद विद्युत सरप्लस वाला छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कटौती का केंद्र बन गया है। कोई ऐसा दिन नहीं होता जब बिजली दो-चार घंटे के लिये बंद न हो, रात में तो बिजली की स्थिति तो और भयावह हो जाती है, घंटो बिजली गोल हो जाती है। भाजपा से न सरकार संभल पा रहा और न ही व्यवस्थायें। सरकार एक तो पूरे समय बिजली नहीं दे पा रही, ऊपर से उपभोक्ताओं पर महंगी बिजली का बोझ डाल रही है। प्रदेश के अनेक जिलों में तो पूरी रात बिजली कटौती हो रही है।
प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि कांग्रेस की सरकार के दौरान 24 घंटा बिजली की आपूर्ति होती थी। गर्मी के दिनों में आम जनता को 24 घंटा बिजली की आपूर्ति की जाती थी। कांग्रेस की सरकार के दौरान बिजली आपूर्ति निर्बाध गति से चले इसके लिए ट्रांसफार्मर के पावर बढ़ाए गए थे, नए ट्रांसफार्मर लगाए गए थे। ट्रांसमिशनों को अपग्रेड किया गया। पौने तीन साल में भाजपा की सरकार में बिजली की व्यवस्था चरमरा गई है, आम जनता सड़कों पर उतरकर बिजली की समस्या को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि भाजपा सरकार ने बिजली व्यवस्था को बर्बाद कर चुकी है। उपभोक्ताओं को महंगी बिजली बेचने के बाद व्यवस्था नहीं संभल रही। जुलाई से घरेलू उपभोक्ताओं के दाम में 30 से 50 पैसे तथा गैर घरेलू में 20 से 40 पैसे की बढ़ोत्तरी किया है। कृषि के पंप की बिजली में भी 40 पैसे की बढ़ोत्तरी की गयी है। भाजपा की सरकार बनने के बाद लगातार पांचवी बार बिजली के दाम बढ़ाये गये है। बिजली के बेतहाशा बिल जनता की परेशानी का कारण बने हुये है।
हाल ही में भाजपा सरकार ने बिजली के दामों में 12 प्रतिशत विद्युत ईधन अधिभार (एमपीपीएस) के रूप में बढ़ोत्तरी किया था। भाजपा की सरकार आने के बाद अभी तक 31.23 प्रतिशत बिजली के दाम बढ़ाये गये है। कांग्रेस की सरकार ने 5 साल में केवल 2 पैसे की बढ़ोत्तरी बिजली के दामों में किया था, उसमें भी 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना लागू थी। भाजपा से सरकार नहीं संभल नही रही है। वह केवल जनता पर बोझ डालने का काम करती है। कांग्रेस के कार्यकर्ता स्मार्ट मीटर बदलने की मांग के फार्म को लेकर घर-घर जा रहे है तो लोग स्वस्फूर्त होकर आवेदन फार्म भर रहे है। जनता महंगी बिजली तथा स्मार्ट मीटर की रीडिंग से परेशान हो चुकी है। अनाप-शनाप बिजली के कारण आम आदमी का बजट बिगड़ चुका है।






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