नई प्रशासनिक व्यवस्था: महासमुंद कलेक्टर ने अधिकारियों के बीच किया कार्यों का नया बंटवारा...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
महासमुंद जिले में प्रशासनिक कामकाज को और अधिक सुचारू, प्रभावी तथा तेज गति से संचालित करने के लिए जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ने प्रशासनिक दक्षता और विभागीय तालमेल को बेहतर बनाने के उद्देश्य से जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी, अपर कलेक्टरों और डिप्टी कलेक्टरों के बीच पूर्व में सौंपे गए दायित्वों में आंशिक फेरबदल करते हुए नए सिरे से कार्य विभाजन किया है।
यह नई व्यवस्था आगामी आदेश तक पूरे जिले में प्रभावी रहेगी, जिसके तहत सभी प्रमुख विभागों और जिला कार्यालय की विभिन्न शाखाओं की कमान संबंधित अधिकारियों को सौंप दी गई है।
प्रमुख बदलाव एवं जिम्मेदारियां
जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी: इन्हें जिला पंचायत के नियमित कार्यों के साथ-साथ शासन की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं, मुख्यमंत्री घोषणाओं और निर्देशों के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, कृषि, शिक्षा, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा और समाज कल्याण समेत कई प्रमुख विभागों का प्रभार सौंपा गया है।
अपर कलेक्टर (सरायपाली): इन्हें सरायपाली और बसना तहसीलों से जुड़े राजस्व मामलों, प्रथम अपीलों, निगरानी व पुनरीक्षण प्रकरणों के साथ-साथ नजूल पट्टों के नवीनीकरण से जुड़े कार्यों की अहम जिम्मेदारी दी गई है।
अपर कलेक्टर (महासमुंद): महासमुंद, बागबाहरा, कोमाखान और पिथौरा तहसीलों के राजस्व मामलों के साथ-साथ खाद्य सुरक्षा, आबकारी, परिवहन, खनिज, जल जीवन मिशन और शहरी विकास अभिकरण जैसी महत्वपूर्ण शाखाओं का प्रभार संभालाएंगे।
अपर कलेक्टर (मुख्यालय): निर्वाचन संबंधी सभी कार्यों (उप जिला निर्वाचन अधिकारी), वित्त, स्थापना, सूचना का अधिकार (प्रथम अपीलीय अधिकारी), सीएम हेल्पलाइन, और जिला कोषालय जैसी प्रशासनिक रीढ़ मानी जाने वाली शाखाओं की कमान इन्हें सौंपी गई है।
डिप्टी कलेक्टर: प्रशासनिक कामकाज में कसावट लाने के उद्देश्य से अक्षा गुप्ता, मधु तेता और सारिका मित्तल को राजस्व लेखा, जनशिकायत निवारण, आवास आवंटन, लोक सेवा गारंटी, उच्च शिक्षा, श्रम, खेल और खनिज विभाग सहित विभिन्न शाखाओं के संचालन का दायित्व सौंपा गया है।
प्रशासनिक सेटअप में किए गए इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम जनता से जुड़े शासकीय कार्य बिना किसी बाधा के समय पर पूरे हों और आपात स्थिति या योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की सुस्ती न आए। साथ ही, अधिकारियों की अनुपस्थिति में काम प्रभावित न हो, इसके लिए लिंक अधिकारियों की व्यवस्था भी तय की गई है।






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