छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड बनेगा विकास का मुख्य आधार: ओपी चौधरी...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
रायपुर। आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा है कि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल आने वाले समय में राज्य के आर्थिक और ढांचागत विकास की धुरी बनेगा। हाउसिंग बोर्ड अब सिर्फ मकान बनाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सड़क, पुल, खेल परिसर, सार्वजनिक भवन और शहरी पुनर्विकास जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स में भी अहम भूमिका निभाएगा। विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के विजन को पूरा करने के लिए मंडल को लीक से हटकर नई तकनीकों और बेहतर वित्तीय प्रबंधन को अपनाना होगा।
नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित राज्य स्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित करते हुए मंत्री ने यह बात कही। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के प्रयासों से लगभग 700 करोड़ रुपये का पुराना कर्ज चुकाकर बोर्ड को आर्थिक रूप से मजबूत किया गया है। साथ ही, ओटीएस (वन टाइम सेटलमेंट) योजना के जरिए लंबे समय से खाली पड़ी संपत्तियों का विक्रय कर राजस्व बढ़ाया गया है।
भविष्य की योजनाएं और नवाचार -
मांग आधारित प्रोजेक्ट्स: अब बिना जरूरत के बड़ी आवासीय योजनाएं शुरू नहीं होंगी। नई व्यवस्था के तहत शुरुआती महीनों में तय बुकिंग की शर्त अनिवार्य की गई है, जिससे पूंजी अनावश्यक न फंसे।
पीपीपी और टीपीएस मॉडल: सेरीखेड़ी प्रोजेक्ट का उदाहरण देते हुए बताया गया कि पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप और टाउन प्लानिंग स्कीम अपनाने से लगभग 94 एकड़ जमीन की बचत हुई है, जिसका उपयोग अन्य सार्वजनिक कार्यों में होगा।
बाहरी राज्यों में भागीदारी: मंडल के अनुभवी इंजीनियरों और तकनीकी अमले को अब अन्य राज्यों की निविदाओं में भी हिस्सा लेकर अपनी पहचान राष्ट्रीय स्तर पर बनानी चाहिए।
खेल और आधुनिक सुविधाएं: खेल परिसरों के निर्माण के साथ उनके रख-रखाव और संचालन पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।
मंडल अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने कहा कि पिछले 18 महीनों में लगभग 8 हजार संपत्तियों के विक्रय और 1,800 करोड़ रुपये से अधिक के राजस्व अर्जन के साथ संस्था ने उल्लेखनीय प्रगति की है। कार्यशाला में आईआईएम रायपुर, एनआईटी और आईआईआईटी के विशेषज्ञों ने एआई, आधुनिक निर्माण तकनीकों और वित्तीय प्रबंधन पर अधिकारियों को प्रशिक्षित किया।






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