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नवरात्रि 2026: हैदराबाद में बनेगी 72 फीट ऊंची इको-फ्रेंडली दुर्गा प्रतिमा...

2 days ago
2 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-

हैदराबाद :- हैदराबाद में इस बार शारदीय नवरात्रि को लेकर खास तैयारियां की जा रही हैं। गणेश उत्सव के दौरान विशाल प्रतिमाओं के लिए प्रसिद्ध शहर में अब मां दुर्गा का विराट स्वरूप श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है। चदरघाट क्षेत्र के विक्टोरिया प्लेग्राउंड में 72 फीट से अधिक ऊंची इको-फ्रेंडली मां दुर्गा की प्रतिमा तैयार की जा रही है। प्रतिमा का निर्माण तेजी से चल रहा है और इसे पूरी तरह पर्यावरण के अनुकूल सामग्री से तैयार किया जा रहा है।


आयोजन समिति के अनुसार मां दुर्गा की इस विशाल प्रतिमा की ऊंचाई 72 फीट से भी अधिक होगी। प्रतिमा को मिट्टी, प्राकृतिक घास, बांस और लकड़ी की मदद से तैयार किया जा रहा है। आयोजकों का दावा है कि यह देश की सबसे ऊंची इको-फ्रेंडली दुर्गा प्रतिमाओं में शामिल होगी। इससे पहले भी विक्टोरिया प्लेग्राउंड में 65 से 72 फीट तक की विशाल प्रतिमाएं तैयार की जा चुकी हैं। इस बार आयोजन का मुख्य आकर्षण प्रतिमा की भव्यता के साथ-साथ उसका पर्यावरण के अनुकूल होना है। मूर्ति निर्माण में प्लास्टर ऑफ पेरिस, थर्माकोल और हानिकारक केमिकल वाले रंगों का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। आयोजकों का उद्देश्य धार्मिक आयोजन के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना है।


विशाल प्रतिमा को आकार देने के लिए पश्चिम बंगाल के कोलकाता और स्थानीय क्षेत्र के कुशल मूर्तिकार लगातार काम कर रहे हैं। प्रतिमा का मूल ढांचा बांस और लकड़ी से बनाया गया है, ताकि इतनी ऊंची मूर्ति को मजबूत आधार मिल सके। इसके बाद ढांचे पर प्राकृतिक घास लगाकर चिकनी मिट्टी की कई परतें चढ़ाई जा रही हैं। मूर्ति को तैयार करने की प्रक्रिया में कलाकार छोटी से छोटी बारीकियों पर ध्यान दे रहे हैं। मां दुर्गा के चेहरे से लेकर हाथों और पूरे स्वरूप को आकर्षक बनाने के लिए लंबे समय तक मेहनत की जा रही है। विशाल आकार के कारण प्रतिमा के निर्माण में विशेष सावधानी भी बरती जा रही है।


मिट्टी की परतें पूरी तरह सूखने के बाद प्रतिमा की सजावट और रंगाई का काम शुरू किया जाएगा। इसके लिए प्राकृतिक और पानी में आसानी से घुलने वाले रंगों का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे विसर्जन के दौरान जल स्रोतों पर हानिकारक प्रभाव को कम करने का प्रयास किया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि इस पहल के जरिए श्रद्धालुओं को यह संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ आगे बढ़ाया जा सकता है। प्रतिमा में ऐसी किसी सामग्री का उपयोग नहीं किया जा रहा है, जो विसर्जन के बाद पानी को प्रदूषित करे।


नवरात्रि के दौरान विक्टोरिया प्लेग्राउंड में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। विशाल प्रतिमा के कारण इस बार चदरघाट का दुर्गा पूजा आयोजन शहर के प्रमुख आकर्षणों में शामिल होने की तैयारी में है। प्रतिमा तैयार होने के बाद इसका विराट स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण होगा। 72 फीट से अधिक ऊंची मां दुर्गा की यह प्रतिमा धार्मिक आस्था, कला और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संगम पेश करेगी। आयोजन समिति और मूर्तिकारों की कोशिश है कि भव्यता के साथ पर्यावरण की जिम्मेदारी का भी पूरा ध्यान रखा जाए। इसी कारण प्रतिमा के निर्माण से लेकर रंगाई तक प्राकृतिक और सुरक्षित सामग्रियों को प्राथमिकता दी जा रही है।

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