मोदी की गारंटी में किसानों से छलावा - कांग्रेस....
कांग्रेस की मांग-बढ़ी हुई एमएसपी जोड़कर 3358 प्रति क्विंटल की दर से हो धान खरीदी...

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से:-
रायपुर:- धान के बढ़े हुए समर्थन मूल्य का लाभ किसानों को देने की मांग करते हुए प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के अन्नदाता किसानों के साथ भाजपा सरकार खुला अन्याय कर रही है। पिछले ढाई वर्षों में केंद्र सरकार द्वारा धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 258 रूपए की बढ़ोतरी की जा चुकी है, लेकिन साय सरकार आज भी किसानों को पुराने 3100 के आंकड़े में उलझाकर रख रही है। कांग्रेस पार्टी यह स्पष्ट मांग करती है कि बिना किसी किंतु-परंतु के, 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से किसानों से 3358 रुपए प्रति क्विंटल की दर पर धान खरीदी की तत्काल आधिकारिक घोषणा की जाए।
प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि भाजपा ने चुनाव पूर्व ‘मोदी की गारंटी’ में 3100 प्रति क्विंटल और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदी का वादा किया था। लेकिन सच्चाई यह है कि पिछले ढाई सालों में केंद्र सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य में तीन बार बढ़ोतरी हो चुकी है। भाजपा सरकार इस बढ़ी हुई एमएसपी का लाभ किसानों को देने के बजाय 3100 पर ही अड़ी हुई है, जिससे छत्तीसगढ़ के लाखों किसानों का सीधा हक मारा जा रहा है। यही नहीं 21 क्विंटल प्रति एकड़ का वादा भी जुमला निकला, फर्जी अनावरी रिपोर्ट के नाम पर प्रति एकड़ धान खरीदी की लिमिट कम किए जा रहे हैं। खरीदी के समय कई तरह की बारीक शर्ते, रकबा समर्पण का दबाव और गिरदावरी के नाम पर रकबा काटने का खेल चल रहा है।
प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान मोदी की गारंटी के नाम पर 3100 एकमुश्त और हर ग्राम पंचायत में नगद भुगतान केंद्र का वादा था, न अंतर की राशि के एकमुश्त भुगतान हो रहा है और न ही किसी भी ग्राम पंचायत में नगद भुगतान केंद्र खुला। बीते ढ़ाई साल में इनपुट कॉस्ट खाद, बीज, डीजल, मजदूरी में 20-30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो चुकी है। यदि केंद्र सरकार की बढ़ी हुई एमएसपी का लाभ राज्य सरकार अपनी दर में नहीं जोड़ती है, तो औसतन 21 क्विंटल प्रति एकड़ पर एक किसान को लगभग 5,418 प्रति एकड़ का सीधा नुकसान हो रहा है।
प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि अगर खाद और डीजल का दाम बढ़ा है, केंद्र ने एमएसपी बढ़ाई है, तो उसका फायदा किसान को क्यों नहीं? ढाई साल पुराना बेस प्राइस पर क्यों अड़ी है सरकार? क्या भाजपा सरकार किसान विरोधी है? भाजपा सरकार किसानों की जेब पर डकैती डाल रही है, केंद्र द्वारा बढ़ाई गई 258 की एमएसपी को राज्य सरकार हजम करना चाहती है। किसान के पसीने की हर बूंद का हिसाब होगा, धान की कीमत 3358 से एक रुपया कम भी छत्तीसगढ़ के माटी-पुत्रों के साथ अन्याय है।
प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा ढाई साल में बढ़ाई गई 258 की एमएसपी का पैसा आखिर किसकी जेब में जा रहा है? सरकार किसानों का हक क्यों मार रही है? क्या भाजपा का ‘मोदी की गारंटी’ का मतलब यह है कि खाद-बीज का दाम महंगाई के हिसाब से बढ़ेगा, लेकिन किसान के धान का दाम वहीं स्थिर रहेगा? 21 क्विंटल प्रति एकड़ खरीदी के वादे के बावजूद गिरदावरी और रकबा कटौती के नाम पर अधिकारियों को किसानों को परेशान करने की खुली छूट क्यों दी गई है? क्या सरकार इस बार धान खरीदी के साथ ही 3358 रुपए प्रति क्विंटल का एकमुश्त भुगतान करेगी या फिर किसानों को किस्तों के चक्कर में तरसाया जाएगा? पिछली कांग्रेस सरकार ने हर विषम परिस्थिति में किसान को उसकी उपज का पूरा दाम दिया, तो आज भाजपा सरकार के पास छत्तीसगढ़िया किसानों के हक का पैसा देने में नीयत की कमी क्यों है? #MSP #DhanKharidi #ChhattisgarhNews #KisanAndolan #Congress #SushilAnandShukla #ModiKiGuarantee #SaiGovernment #CGNews #FarmersProtest #ChhattisgarhiKisan #BreakingADNnews






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