सूने मकान का ताला तोड़कर लाखों की चोरी, 13 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली...
अर्जुनी में सूने मकान का ताला तोड़कर लाखों के जेवर-नकदी पार, 13 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली, कार्यशैली पर उठे सवाल |

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
अकलतरा :- जिला जांजगीर-चांपा के अकलतरा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत अर्जुनी में चोरों ने सूने मकान का ताला तोड़कर लाखों के सोने-चांदी के जेवर और नकदी पर हाथ साफ कर दिया। वारदात को 13 दिन बीत गए हैं, लेकिन अब तक पुलिस चोरों का कोई सुराग नहीं लगा पाई है, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, अर्जुनी फरसाडीह रोड में रहने वाली सरिता लहरे 13 सितंबर 2026 को शाम करीब 5:30 बजे बिजली गुल होने के कारण अपने पति दिलेश्वर और बच्चे के साथ रिश्तेदार के यहां गई थी। 14 सितंबर 2026 की सुबह करीब 7 बजे जब परिवार घर लौटा, तो मुख्य दरवाजे का ताला टूटा हुआ मिला। अंदर सामान बिखरा पड़ा था।
शिकायत में 80 हजार, परिवार ने बताया 1.60 लाख का नुकसान -
पीड़िता के अनुसार, चोर अलमारी और बक्से का लॉक तोड़कर सोने का हार, मंगली माला, मंगलसूत्र, लॉकेट, चांदी के तोड़े, बिछिया सहित करीब 80 हजार रुपये की चोरी कर ले गए। वहीं परिवार ने जेवर और नकदी सहित कुल 1.60 लाख रुपये के नुकसान की बात कही है।
पुलिस की कार्यशैली पर सवाल -
1. लंबे समय तक बिजली गुल:- वारदात की रात क्षेत्र में लंबे समय तक बिजली गुल थी, फिर भी रात्रि गश्त नहीं हुई।
2. CCTV हटाए जाने पर सवाल:- महत्वपूर्ण सुराग दे सकने वाले CCTV कैमरे हटाए जाने की बात सामने आ रही है, लेकिन बरामदगी के बाद ही फुटेज क्यों हटाए गए?
3. 13 दिन बाद भी आरोपी फरार:- चौकीदार को दे दी गई सूचना, एफआईआर दर्ज होने के बाद भी पुलिस अभी तक कोई ठोस सुराग जुटा नहीं पाई।
ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस गश्त में लापरवाही और जांच में सुस्ती के कारण चोरों के हौसले बुलंद हैं। अब देखना होगा कि पुलिस सीसीटीवी फुटेज, संदिग्धों से पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कब तक मामले का खुलासा कर पाती है।
पुलिस विभाग द्वारा मिली भगत के आधार पर चोरी की कार्यवाही को अंजाम करवाया जाता है क्योंकि जब चोरी की सूचना की रिपोर्ट संबंधित थाना क्षेत्र में दर्ज कराई चुकी है तो उस स्थिति में त्वरित निराकरण क्यों नहीं किया अभी तक के हाथ में हाथ रखकर बैठी है कानून की रखवाले जांजगीर-चांपा जिले में पुलिस विभाग हर प्रकरण पर गंभीरता नहीं लेता जिसके चलते आरोपी मुख्य अभियुक्त अभियुक्त फरार हो जाते हैं और जिसकी सुनवाई नहीं हो पाती।
जिस तरह से रायपुर में कमिश्नर प्रणाली लागू है इस तरह से जांजगीर चांपा जिले में भी कमिश्नर प्रणाली लागू होना चाहिए जिसकी वजह से कानून व्यवस्था चुस्त दुरुस्त हो सके क्योंकि हर प्रकरण को गंभीरता में नहीं लिए रही है पुलिस विभाग के अधिकारी लोग।
पेट्रोलिंग पार्टी भी पेट्रोलियम नहीं करती जिसकी वजह से चोरी डकैती जैसी अपराध बढ़ते क्रम में है क्राइम बढ़ रहा है मगर किसी भी आपराधि को पकड़ नहीं पा रही है पुलिस |
रिपोर्टर राकेश कुमार साहू
शालिनी न्यूज़ एजेंसी जांजगीर चांपा।






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