बलौदाबाजार में खेल महाकुंभ का आगाज़: 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता शुरू, मैदानों को बचाने और संवारने पर विशेष जोर.....

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से :-
बलौदाबाजार - स्वस्थ तन में ही स्वस्थ मन का निवास होता है और इसके लिए बच्चों का मैदान में उतरना बेहद आवश्यक है। इसी संदेश के साथ बलौदाबाजार के पं. चक्रपाणि शुक्ल हायर सेकेंडरी स्कूल मैदान में 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने प्रतियोगिता का विधिवत उद्घाटन किया। इस आयोजन में खेल एवं राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा और राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा भी विशेष रूप से शामिल हुईं।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन, मार्च पास्ट और रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुई। उपस्थित बच्चों और युवाओं को संबोधित करते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि किताबी शिक्षा के साथ खेलकूद जीवन को पूर्णता प्रदान करता है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे नियमित रूप से खेल गतिविधियों से जुड़ें, जिससे शारीरिक और मानसिक विकास को नई दिशा मिले।

कच्चे मैदानों को बचाने और संवारने के निर्देश -
बढ़ते शहरीकरण और कंक्रीटकरण के बीच बच्चों के लिए सिकुड़ते खेल मैदानों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए मंच से सख्त निर्देश दिए गए। जिला प्रशासन को निर्देशित किया गया कि डीएमएफ और अन्य उपलब्ध मदों से ग्रामीण व शहरी स्कूलों के मैदानों का समतलीकरण कराया जाए। निर्देश में यह भी स्पष्ट किया गया कि खेल मैदानों में जरूरत से ज्यादा पेवर ब्लॉक या कंक्रीट न बिछाया जाए, बल्कि कम से कम 10 हजार वर्गफीट से अधिक का कच्चा मैदान सुरक्षित रखा जाए ताकि बच्चे चोटिल हुए बिना सुरक्षित खेल सकें।

खिलाड़ियों की सुविधाओं और उपलब्धियों पर चर्चा -
अपने पुराने कार्यकाल को याद करते हुए साझा किया गया कि कैसे कुछ वर्ष पहले तक खिलाड़ी बिना पर्याप्त खेल सामग्री के मैदान में उतरते थे, लेकिन आज प्रदेश के पांचों संभागों से आए बच्चे पेशेवर जर्सी और किट के साथ पूरे आत्मविश्वास से मुकाबला कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ के प्रतिभावान खिलाड़ियों की सफलताओं का हवाला देते हुए युवाओं को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही, मौके पर मौजूद कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि दूर-दराज से आए किसी भी बाल खिलाड़ी को आवास, भोजन या परिवहन में कोई असुविधा नहीं होनी चाहिए।

480 खिलाड़ी दिखा रहे हैं दम -
इस चार दिवसीय रोमांचक प्रतियोगिता में प्रदेश के पांचों संभागों—रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर और सरगुजा से कुल 480 बालक-बालिका खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। कुराश, रग्बी और नेटबॉल की इन स्पर्धाओं में प्रत्येक संभाग से खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं, जिनका मार्गदर्शन करने के लिए 50 से अधिक कोच, पीटीआई और रेफरी भी उपस्थित हैं।
इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों और बड़ी संख्या में खेल प्रेमियों की उपस्थिति ने आयोजन को और भी उत्साहजनक बना दिया।






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