राहुल गांधी के 'मांसाहार' वाले बयान पर इस्लामिक स्कॉलर मुफ्ती वजाहत कासमी का पलटवार, UCC और मदरसों पर भी रखी बेबाक राय.....

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
नई दिल्ली: लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की 'मांसाहार' वाली टिप्पणी पर इस्लामिक स्कॉलर मुफ्ती वजाहत कासमी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कासमी ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत सनातन की भूमि है और इसकी सभ्यता-संस्कृति में मांसाहारी भोजन का कोई स्थान नहीं है। इसके साथ ही, उन्होंने देश भर में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने का पुरजोर समर्थन किया और पश्चिम बंगाल में मदरसों पर हुई कार्रवाई को सही ठहराया।
सनातन संस्कृति और राहुल गांधी पर तंज: कासमी ने कहा कि यदि राहुल गांधी मांसाहारी भोजन करना चाहते हैं, तो उन्हें कोई नहीं रोक रहा, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मौकों का इस्तेमाल देश अपनी संस्कृति को दर्शाने के लिए करता है। उन्होंने नसीहत दी कि राहुल गांधी को ऐसी 'ओच्छी' बातों से बचना चाहिए, क्योंकि इससे उनका ही कद छोटा होता है। उन्होंने 'ब्रिक्स' (BRICS) का उदाहरण देते हुए पीएम मोदी को एक मजबूत नेता बताया।
समान नागरिक संहिता (UCC) का समर्थन: 'एक देश, एक कानून और एक संविधान' की वकालत करते हुए मुफ्ती कासमी ने कहा कि दुनिया के सभी विकसित देशों में UCC लागू है। उन्होंने एनडीए सरकार की कार्यशैली की सराहना करते हुए पूरे देश में जल्द UCC लागू होने की उम्मीद जताई और इसे देश के विकास के लिए अहम बताया।
बंगाल में 252 मदरसों को बंद किए जाने पर बयान: पश्चिम बंगाल में मदरसों पर हुई कार्रवाई पर कासमी ने ममता बनर्जी सरकार पर तुष्टीकरण का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को इतनी छूट दी गई कि गैर-कानूनी जगहों पर मस्जिदें और मदरसे बन गए। कासमी ने स्पष्ट किया कि इस्लाम अवैध निर्माण को मंजूरी नहीं देता है, इसलिए गैर-कानूनी मदरसों पर हो रही कानूनी कार्रवाई का मुसलमानों को स्वागत करना चाहिए।
'वंदे मातरम' का किया सम्मान: भारत-अफगानिस्तान टी-20 मैच से पहले 'वंदे मातरम' गाए जाने को उन्होंने खुशी की बात बताया। कासमी ने कहा कि इसे राष्ट्रगान के बराबर कानूनी सम्मान प्राप्त है और इसका विरोध करने वालों को अल्लाह सद्बुद्धि दे।






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