सेवा सेतु शिविर में ग्रामीणों को एक ही मंच पर मिला विभिन्न योजनाओं का लाभ.....

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से:-
रायपुर, - छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के भैरमगढ़ में 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत आयोजित 'सेवा सेतु शिविर' ने दूर-दराज के इलाकों से आए ग्रामीणों के जीवन में एक नई उम्मीद जगाई है। इस विशेष आयोजन में सुदूर अंचलों से पहुंचे जरूरतमंदों को शासन की तमाम जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा और त्वरित लाभ उपलब्ध कराया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि, वन मंत्री केदार कश्यप ने अपने हाथों से पात्र हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने नए घरों की चाबियां, व्यक्तिगत वनाधिकार पट्टे और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के स्वीकृति पत्र सौंपे।
नक्सल मुक्ति के बाद विकास की बयार -
इस मौके पर अपने संबोधन में वन मंत्री कश्यप ने बताया कि पूरे प्रदेश में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक 'सेवा संकल्प अभियान' चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य मकसद सरकार की योजनाओं का फायदा बिना किसी रुकावट के सीधे अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचाना है।

उन्होंने कहा कि लंबे समय तक उग्रवाद से प्रभावित रहे बीजापुर में पहले शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना एक बड़ी चुनौती थी। हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दृढ़ इच्छाशक्ति, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प और सुरक्षा बलों के अदम्य साहस के बल पर अब इस क्षेत्र को पूरी तरह नक्सल मुक्त बनाया जा चुका है। वर्तमान में जिले का माहौल पूरी तरह से शांतिपूर्ण है और विकास कार्यों को अभूतपूर्व गति मिल रही है।
एक छत के नीचे मिलीं तमाम सहूलियतें -
भैरमगढ़ में लगे इस शिविर में लोगों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़े, बल्कि एक ही स्थान पर उनकी समस्याओं का समाधान किया गया:
आवास और स्वच्छता: पीएम आवास योजना के लाभार्थियों को मकान की चाबियां और व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के स्वीकृति पत्र बांटे गए।
अधिकार और पेंशन: वनवासियों को वनाधिकार पत्र, जबकि जरूरतमंदों को आयुष्मान कार्ड, विधवा एवं दिव्यांग पेंशन तथा श्रमिक पंजीयन पत्र दिए गए।
आर्थिक सशक्तिकरण: एनआरएलएम (NRLM) के अंतर्गत स्व-सहायता समूहों को ऋण सहायता और 'प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' के प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।
स्वच्छाग्राही दीदियों और शिक्षा दूतों का सम्मान -
कार्यक्रम के दौरान समाज और शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य करने वाली 'स्वच्छाग्राही दीदियों' और 'शिक्षा दूतों' को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इस दौरान नक्सल हिंसा का शिकार हुए शिक्षा दूतों के परिजनों को भी मंच पर आदरपूर्वक सम्मानित किया गया। अभियान के तहत आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं (जैसे नुक्कड़ नाटक, निबंध और भाषण) के विजेता बच्चों को भी प्रमाणपत्र देकर प्रोत्साहित किया गया। इसके अलावा, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गर्भवती महिलाओं की गोदभराई रस्म पूरी कर उन्हें पोषण और स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
विभागीय स्टॉल और स्वास्थ्य परीक्षण शिविर -
शिविर स्थल पर शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, विद्युत और आदिवासी विकास विभाग की तरफ से विशेष स्टॉल लगाए गए थे। इन स्टॉल्स के जरिए ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की पूरी जानकारी दी गई और कई मामलों में मौके पर ही पात्र लोगों के आवेदन स्वीकार कर उन्हें लाभान्वित किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए कैंप में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी स्वास्थ्य जांच करवाई और मुफ्त चिकित्सकीय परामर्श व दवाइयां प्राप्त कीं।
इस सफल आयोजन के दौरान पूर्व मंत्री महेश गागड़ा, कलेक्टर विश्वदीप, पुलिस अधीक्षक उमेश प्रसाद गुप्ता सहित क्षेत्र के प्रमुख जनप्रतिनिधि, तमाम विभागों के वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी और भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।






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