झीरम घाटी मामले पर दिल्ली में अहम बैठक: राहुल गांधी से मिले CG कांग्रेस नेता, कानूनी रणनीति पर मंथन...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
नई दिल्ली। झीरम घाटी नक्सली हमले को लेकर छत्तीसगढ़ कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और पीड़ित परिवारों के सदस्यों ने नई दिल्ली स्थित 10 जनपथ में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। लगभग 45 मिनट तक चली इस बैठक में मामले की आगे की कानूनी रणनीति और हमले से पहले की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत और टी.एस. सिंहदेव समेत पीड़ित परिवारों के सदस्य मौजूद रहे।
यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था का जुटेगा ब्योरा
बैठक के दौरान वर्ष 2013 में कांग्रेस की 'परिवर्तन यात्रा' के दौरान दी गई सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत जानकारी जुटाने पर सहमति बनी। झीरम हमला परिवर्तन यात्रा के चौथे चरण में हुआ था। ऐसे में यात्रा के पहले तीन चरणों में कब, कहाँ और कितनी सुरक्षा दी गई थी, इसका ब्योरा एकत्र किया जाएगा। टी.एस. सिंहदेव पूर्व में भी यात्रा मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा चुके हैं।
वरिष्ठ वकीलों से ली जाएगी कानूनी राय
मामले में आगे की कानूनी रणनीति तैयार करने के लिए देश के शीर्ष कानून विशेषज्ञों से सलाह लेने की बात कही गई है। इनमें कपिल सिब्बल, अभिषेक मनु सिंघवी और विवेक तन्खा से कानूनी राय लिए जाने की संभावना व्यक्त की गई है, हालांकि वकील नियुक्त करने के संबंध में आधिकारिक निर्णय की पुष्टि होना अभी बाकी है।
एनआईए की जांच और साजिश के पहलुओं पर सवाल
बैठक के बाद टी.एस. सिंहदेव ने बताया कि राहुल गांधी को मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्यों से अवगत कराया गया है। उन्होंने कहा कि विशेष एनआईए अदालत द्वारा दोषी ठहराए गए 10 आरोपियों के अलावा, हमले की मुख्य साजिश से जुड़े पहलुओं की जांच पर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं। सिंहदेव के अनुसार, एनआईए की जांच में षड्यंत्र के पहलू की पर्याप्त पड़ताल नहीं की गई।
क्या है पृष्ठभूमि?
घटना: मई 2013 में बस्तर की झीरम घाटी में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर नक्सली हमला हुआ था, जिसमें 27 लोगों की मौत हुई थी और 38 लोग घायल हुए थे।
अदालत का फैसला: घटना के 13 साल बाद विशेष एनआईए अदालत ने 10 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई।
आगे का कदम: एनआईए कोर्ट के फैसले के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस और पीड़ित परिवार कानूनी विकल्पों की तलाश कर रहे हैं। इससे पहले 19 सितंबर को रायपुर में भी इस संबंध में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी।






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