गरियाबंद: रूवाड़ हाई स्कूल में भवन की कमी पर फूटा पालकों का गुस्सा.....

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-
गरियाबंद जिले के छुरा ब्लॉक के हाई स्कूल रूवाड़ में भवन और पर्याप्त कमरों की कमी को लेकर ग्रामीणों और पालकों का आक्रोश सामने आया है। मंगलवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण और अभिभावक स्कूल पहुंचे और मुख्य गेट पर ताला जड़कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। सुबह करीब 7 बजे ग्रामीण स्कूल पहुंचे और परिसर के बाहर बैठकर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में पर्याप्त कमरे नहीं हैं, जिसके कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों और पालकों के अनुसार हाई स्कूल रूवाड़ में लंबे समय से नए भवन की मांग की जा रही है। स्कूल में छात्र-छात्राओं की संख्या बढ़ने के बावजूद भवन और कक्षों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हो सकी है। मौजूदा स्थिति में एक ही कमरे में एक से अधिक कक्षाओं का संचालन करना पड़ रहा है। इससे एक तरफ विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए पर्याप्त स्थान नहीं मिल पा रहा है, वहीं दूसरी तरफ शिक्षकों को भी अलग-अलग कक्षाओं का संचालन करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल भवन की समस्या को लेकर वे काफी समय से संबंधित विभाग और प्रशासन के सामने अपनी मांग रखते आ रहे हैं। उनका कहना है कि कई बार समस्या से अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद अब तक कोई ठोस पहल नजर नहीं आई। लगातार मांग के बाद भी स्थिति जस की तस बनी रहने से ग्रामीणों और पालकों में नाराजगी बढ़ती गई। इसी के चलते मंगलवार सुबह उन्होंने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगाकर विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया।
सुबह करीब 7 बजे बड़ी संख्या में ग्रामीण और अभिभावक हाई स्कूल रूवाड़ पहुंचे। ग्रामीणों ने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया और परिसर के बाहर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने स्कूल में पर्याप्त कमरों की व्यवस्था करने और नए भवन का निर्माण जल्द शुरू कराने की मांग की। उनका कहना है कि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलना जरूरी है और इसके लिए पर्याप्त भवन एवं कक्ष उपलब्ध होना बेहद आवश्यक है। ग्रामीणों ने कहा कि भवन की कमी का सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। एक ही कमरे में एक से अधिक कक्षाएं संचालित होने से बच्चों को पढ़ाई में असुविधा होती है। कक्षाओं में शैक्षणिक गतिविधियों के लिए पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण शिक्षक भी अपनी जिम्मेदारी बेहतर तरीके से निभाने में कठिनाई महसूस करते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि इस समस्या को केवल अस्थायी व्यवस्था से नहीं, बल्कि स्थायी समाधान के जरिए दूर किया जाए।
स्कूल में तालाबंदी और ग्रामीणों के प्रदर्शन की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ। मामले की जानकारी मिलने पर छुरा के बीईओ और तहसीलदार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों और अभिभावकों से बातचीत की। उन्होंने उनकी समस्याओं को सुना और स्कूल की मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी ली। अधिकारियों ने ग्रामीणों की मांगों को समझने के साथ ही समस्या के समाधान की दिशा में आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिलाने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने अपनी मांग दोहराते हुए कहा कि स्कूल के लिए जल्द से जल्द पर्याप्त भवन और कमरों की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा से जुड़ी समस्या को लंबे समय तक टालना उचित नहीं है। ग्रामीण चाहते हैं कि स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या के हिसाब से पर्याप्त कक्ष उपलब्ध हों, ताकि सभी कक्षाओं का संचालन व्यवस्थित तरीके से किया जा सके।
पालकों का कहना है कि बच्चों को पढ़ाई के लिए उचित वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन और शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी है। यदि भवन की समस्या जल्द दूर नहीं हुई तो आने वाले समय में भी विद्यार्थियों को इसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि स्कूल भवन की जरूरत का आकलन कर जल्द निर्माण या विस्तार की प्रक्रिया शुरू की जाए। फिलहाल अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच बातचीत के बाद स्थिति पर नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन उनकी मांग को गंभीरता से लेते हुए जल्द ठोस निर्णय करेगा। ग्रामीणों का कहना है कि वे बच्चों की शिक्षा के हित में ही यह विरोध कर रहे हैं और चाहते हैं कि स्कूल में ऐसी व्यवस्था हो, जिससे विद्यार्थियों को बिना किसी परेशानी के नियमित रूप से पढ़ाई का अवसर मिल सके।






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