google.com, pub-3310156774694367, DIRECT, f08c47fec0942fa0
top of page
WhatsApp Image 2025-09-10 at 15.54_edite
ADN FILMS POSTER

BREAKING ADN NEWS

WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.31.jpeg
WhatsApp Image 2026-09-08 at 12.10.10.jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.30 (2).jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.31 (1).jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.30 (1).jpeg

महासमुंद में मत्स्य व्यवसाय को मिली रफ्तार, मछुआरे को रोज 1,500 रुपये तक शुद्ध मुनाफा.....

7 hours ago
2 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-

महासमुंद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा यात्रा का मूल भाव जनसेवा को जन-जन के जीवन में सकारात्मक बदलाव से जोड़ना रहा है।





















इसी सेवा संकल्प की भावना के अनुरूप शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ा रही हैं। महासमुंद जिले के ग्राम तुमगांव निवासी राकेश धीवर की सफलता इसी बदलाव की एक कहानी है, जहां मत्स्य विभाग की मोटर-साइकिल सह आइस बॉक्स योजना ने उनके पारंपरिक मछली व्यवसाय को विस्तार देने और परिवार की आय बढ़ाने का अवसर प्रदान किया है।


महासमुंद विकासखंड के ग्राम तुमगांव निवासी राकेश धीवर एक साधारण परिवार से हैं। उनके परिवार में मछली पालन एवं मछली विक्रय का कार्य लंबे समय से आजीविका का हिस्सा रहा है। उनके पिता विश्राम धीवर प्राथमिक मत्स्य सहकारी समिति तुमगांव के सदस्य रहे हैं। पिता के इसी व्यवसाय से प्रेरणा लेकर राकेश धीवर ने भी मछली पालन एवं विक्रय के कार्य को अपनाया और समय के साथ इसे अपने परिवार के लिए आय के एक सशक्त साधन के रूप में विकसित किया। मत्स्य विभाग द्वारा उन्हें मोटर-साइकिल सह आइस बॉक्स योजना का लाभ मिला।


योजना के तहत प्राप्त मोटर-साइकिल एवं आइस बॉक्स ने उनके व्यवसाय को नई गति दी। अब वे मछलियों को सुरक्षित तरीके से एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने के साथ-साथ आसपास के दूरस्थ गांवों और विभिन्न हाट-बाजारों तक आसानी से पहुंचा पाते हैं। इससे उनके व्यापार का दायरा बढ़ा और उन्हें अधिक ग्राहकों तक पहुंच बनाने का अवसर मिला। राकेश धीवर प्रतिदिन आसपास के तालाबों से मछलियां खरीदकर स्थानीय हाट-बाजारों में उनका विक्रय करते हैं। वर्तमान में वे प्रतिदिन लगभग 2 क्विंटल मछली का व्यापार करते हैं।


इस व्यवसाय में प्रतिदिन लगभग 20 हजार रुपए की लागत आती है, जबकि मछलियों के विक्रय से लगभग 24 हजार रुपए तक की आय प्राप्त होती है। इस प्रकार उन्हें प्रतिदिन लगभग 4 हजार रुपए का सकल लाभ प्राप्त होता है। मजदूरी एवं अन्य आवश्यक खर्चों को घटाने के बाद वे प्रतिदिन लगभग 1,000 से 1,500 रुपए तक की शुद्ध आय अर्जित कर रहे हैं। इससे उन्हें प्रतिमाह लगभग 45 से 50 हजार रुपए की शुद्ध आमदनी प्राप्त हो रही है। राकेश धीवर का यह व्यवसाय अब उनके पूरे परिवार के लिए एक सशक्त पारिवारिक उद्यम बन चुका है। उनकी पत्नी एवं दो पुत्र भी मछली विक्रय कार्य में सक्रिय रूप से सहयोग करते हैं। परिवार के सदस्यों के सहयोग से व्यवसाय के संचालन में सुविधा हुई है और परिवार की आर्थिक स्थिति भी पहले की अपेक्षा मजबूत हुई है। मछली विक्रय के साथ-साथ राकेश धीवर अपने पैतृक खेत में कृषि कार्य भी करते हैं। इस तरह उन्होंने कृषि और मत्स्य व्यवसाय को अपनी आजीविका का आधार बनाकर आय के एक से अधिक स्रोत विकसित किए हैं।


Comments


Gemini_Generated_Image_sztsvlsztsvlszts copy (1).jpg

© 2018 by Anis lala dani. Proudly created with breakingadnnews.com

  • Subscribe Channale
bottom of page
naver-site-verification: navere8d42c0359e3e135363406d5b6093c27.html