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किसान हितैषी योजना: हल्दी खेती को 620 लाख का बजट, 1300 हेक्टेयर का लक्ष्य...

Sep 14
2 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-

रायपुर :- कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार की किसान हितैषी नीतियों और योजनाओं से प्रदेश में खाद्यान्न उत्पादन के साथ-साथ फसल विविधता को भी लगातार बढ़ावा मिल रहा है। उद्यानिकी फसलों की खेती को प्रोत्साहन मिलने से किसान अब पारंपरिक साग-सब्जी और फल उत्पादन के साथ मसाला फसलों की खेती में भी रुचि लेने लगे हैं। इससे प्रदेश में मसाला फसलों का क्षेत्र विस्तार होने के साथ किसानों के लिए आय के नए अवसर भी तैयार हो रहे हैं।

















इसी दिशा में वर्ष 2026-27 में राज्य पोषित मद के अंतर्गत मसाला क्षेत्र विस्तार प्रोत्साहन योजना संचालित की जा रही है। उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी द्वारा योजना के तहत हल्दी फसल के क्षेत्र विस्तार के लिए 1300 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए 620 लाख रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। योजना के माध्यम से किसानों को मसाला फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे प्रदेश में फसल विविधीकरण को गति मिल रही है।


योजना के क्रियान्वयन से किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ हल्दी जैसी मसाला फसलों की खेती का विकल्प मिल रहा है। इससे एक ओर किसानों की आय बढ़ाने की संभावनाएं मजबूत हो रही हैं, वहीं दूसरी ओर प्रदेश में मसाला फसलों के उत्पादन में वृद्धि से स्थानीय स्तर पर उपलब्धता बढ़ेगी।


हल्दी बीज की आपूर्ति को लेकर प्रसारित की जा रही भ्रामक जानकारियों के संबंध में स्थिति स्पष्ट करते हुए उद्यानिकी विभाग ने बताया है कि हल्दी बीज की आपूर्ति संचालनालय एवं जिला स्तर से नही की जाती है अपितु छ.ग. शासन, कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग के द्वारा जारी दिशा-निर्देश के तहत प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (क्ठज्) के माध्यम से किसानों को योजना अंतर्गत अनुदान का लाभ दिया जाता है।


किसानों के द्वारा क्रय किए गये बीज के देयकों तथा अन्य अभिलेखों के परीक्षण एवं फसल के भौतिक सत्यापन के उपरांत ही अनुदान भुगतान की कार्यवाही की जाती है। वर्तमान में किसानों द्वारा क्रय किए गए बीज जिनपर अनुदान दिया जा रहा है वे पूर्ण रूप से स्वस्थ एवं उच्च गुणवत्तायुक्त होते है, इसके अंकुरण में भी किसी प्रकार की कोई समस्या नही है। विभाग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पात्र किसानों को आवश्यक सत्यापन के बाद ही अनुदान का लाभ दिया जा रहा है।


अभी तक योजना के तहत राशि 138 लाख रूपए का भुगतान किसानों के खाते में किया जा चुका है। इस योजना के क्रियान्वयन से फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिलेगा इसके साथ ही मसाला फसलों का क्षेत्र विस्तार तथा मसाला उद्योग से जुडे़ व्यवसाय के लिए कच्चा माल उपलब्ध होगा और उद्योगों को भी लाभ होगा। मसाला क्षेत्र विस्तार प्रोत्साहन योजना के माध्यम से प्रदेश में खेती को अधिक लाभकारी और विविधतापूर्ण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं।


हल्दी सहित अन्य मसाला फसलों का क्षेत्र विस्तार होने से किसानों को अतिरिक्त आय का अवसर मिलेगा, स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा तथा प्रदेश में मसाला आधारित उद्योगों के लिए कच्चे माल की उपलब्धता भी सुदृढ़ होगी। इस प्रकार उद्यानिकी क्षेत्र का विस्तार किसानों की समृद्धि के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की कृषि अर्थव्यवस्था को भी नई गति देने में सहायक बन रहा है।

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