भाजपा सरकार में बच्चों की तिमाही परीक्षा भी बनी अव्यवस्था का शिकार - वंदना राजपूत....

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से :-
रायपुर। छत्तीसगढ़ में कक्षा पहली से बारहवीं तक की तिमाही परीक्षाएं शुरू हो गई हैं, लेकिन परीक्षा के पहले ही दिन स्कूल शिक्षा विभाग की तैयारियों की पोल खुल गई है। कई स्कूलों में प्रिंटेड प्रश्नपत्र न पहुंचने को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है।
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने शिक्षा विभाग की इस घोर लापरवाही पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस सरकार के पास बच्चों को परीक्षा के लिए व्यवस्थित प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने की क्षमता नहीं है, वह प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़े-बड़े दावे किस आधार पर कर रही है ?
कहीं फोटोकॉपी तो कहीं ब्लैकबोर्ड के सहारे परीक्षा -
कांग्रेस प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश के अनेक स्कूलों से प्रिंटेड प्रश्नपत्र उपलब्ध नहीं होने की शिकायतें आई हैं। मजबूरी में शिक्षकों को कहीं प्रश्नपत्र की फोटो कॉपी करवानी पड़ी, तो कहीं ब्लैकबोर्ड पर प्रश्न लिखकर बच्चों से उत्तर लिखवाए गए। वंदना राजपूत ने इसे परीक्षा का मजाक बताते हुए कहा कि प्राथमिक और मिडिल कक्षाओं के बच्चों के प्रश्नपत्र में चित्र और तालिका जैसी दृश्य सामग्री होती है, जिन्हें केवल ब्लैकबोर्ड पर लिखकर परीक्षा नहीं ली जा सकती।
प्रश्नपत्रों में गलतियों और पुनरावृत्ति की भी शिकायत -
परीक्षा में सामने आई लापरवाही सिर्फ प्रश्नपत्रों की कमी तक सीमित नहीं है। वंदना राजपूत ने बताया कि कुछ प्रश्नपत्रों में त्रुटि और प्रश्नों के बार-बार दोहराए जाने (पुनरावृत्ति) की भी शिकायतें मिली हैं। उन्होंने कहा कि यह शिक्षा व्यवस्था की मजबूती नहीं, बल्कि सरकारी तैयारी की कमजोरी को दर्शाता है। सरकार बच्चों को अच्छे भविष्य के सपने तो दिखाती है, लेकिन परीक्षा के दिन उनके हाथ में एक सही प्रश्नपत्र तक नहीं पहुंचा पा रही है।
कांग्रेस की मांग- जिम्मेदारी तय करे सरकार -
कांग्रेस ने राज्य सरकार से मांग की है कि वह बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना बंद करे। स्कूलों में समय पर प्रश्नपत्र पहुंचाए जाएं, शिक्षकों को आवश्यक संसाधन दिए जाएं और इस पूरी अव्यवस्था के लिए दोषियों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाए।






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