डीजे साउंड सिस्टम का अनुमति नहीं रहता उसके बावजूद भी डीजे संचालक डीजे का संचालन करते हैं....

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
छत्तीसगढ़:- छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार डीजे पर पूर्णता प्रतिबंध लगाया जा चुका है मगर डीजे संचालकों के द्वारा मनमानी ढंग से संचालन कार्य किया जाता है बिना अनुमति का इस संबंध में कार्यालय कलेक्टर कार्यालय पुलिस अधीक्षक एवं संबंधित क्षेत्र के थाना प्रभारी द्वारा सतत निरीक्षण नहीं किया जाता है पेट्रोलिंग नहीं किया जाता है जिसकी वजह से डीजे साउंड सिस्टम बिना अनुमति के संचालित रहता है उस पर कानूनी कार्यवाही नहीं करती है प्रशासन जिसकी वजह से लड़ाई झगड़ा वाद विवाद खून खराबा होने लगता है।
अभी वर्तमान में गणेश विसर्जन का कार्य होना है अगर पुलिस पेट्रोलिंग पार्टी सतत निगरानी नहीं करती है जिसकी वजह से अगर दुर्घटना होती है कोई सा भी अनहोनी कृत्य होता है उसका जिम्मेदार शासन एवं प्रशासन रहेगा क्योंकि बिना अनुमति का डीजे का संचालन होता है संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व द्वारा सतत निरीक्षण नहीं किया जाता या फिर जबरदस्ती अनुमति दे दिया जाता है जिसकी वजह से डीजे साउंड सिस्टम बजने लगता है और वाद विवाद होता है।
यह समाचार इसलिए जारी किया जा रहा है की जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन एवं संबंधित क्षेत्र के थाना प्रभारी द्वारा सतत निरीक्षण किया जाना अति आवश्यक है छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार डीजे साउंड पर पूर्णत प्रतिबंध लगाया जा चुका है साउंड सिस्टम इतनी अधिक रहती है कि किसी की मृत्यु हो जाती है या झगड़ा झंझट होता है जिसकी वजह से हत्या होने लगती है मर्डर होने लगती है इस पर पूर्णत प्रतिबंध लगाया जा चुका है मगर पुलिस प्रशासन एवं राजस्व टीम पेट्रोलिंग नहीं करती जिसकी वजह से ऐसी घटना होती रहती है |
वर्तमान में रायपुर बिलासपुर जांजगीर कोरबा अंबिकापुर जैसे इलाके में डीजे साउंड बजाते रहता है जिसके कारण झगड़ा वाद विवाद खून खराब होता है इसलिए यह समाचार जारी किया जाता है संबंधित क्षेत्र के जिला प्रशासन पुलिस प्रशासन संबंधित क्षेत्र के थाना अधिकारी एवं राजस्व टीम की अनुविभागीय अधिकारी डीजे साउंड की अनुमति किसी भी हालत में प्रधान ना करें अगर प्रदान करती है तो उसका पूर्णता जिम्मेदार प्रशासन रहेगा यह भी कहना उचित है क्योंकि थाना प्रभारी संबंधित क्षेत्र के डीजे संचालकों को बैठक में बुलाया नहीं गया है जिसकी वजह से डीजे संचालकों की मनमानी कार्य से वाद विवाद का झगड़ा हो जाता है |
झगड़ा होने के साथ खून खराबा हो जाता है अगर गणेश विसर्जन के दौरान सतत मॉनिटरिंग नहीं किया जाता है तो उस स्थिति में प्रशासन ही जिम्मेदार रहेगा इसलिए पुलिस प्रशासन एवं जिला प्रशासन एवं राजस्व का टीम संबंधित क्षेत्र के डीजे संचालकों को डीजे संचालन रोकने की कार्यवाही करें अगर कहीं भी डीजे बजना शासन प्रशासन पुलिस प्रशासन को अगर आवाज भी सुनाई देता है डीजे का तत्काल उसे पर कानूनी कार्यवाही करते हुए डीजे को राज सात करने का कानूनी कार्यवाही करें एवं शीघ्र कार्यवाही करते हुए गणेश विसर्जन के दौरान पुलिस पेट्रोलिंग पार्टी सतत निरीक्षण एवं मॉनिटरिंग करें जिससे अनहोनी कृत्य को रोका जा सके।
शालिनी न्यूज़ एजेंसी संवाददाता राकेश कुमार साहू जांजगीर चांपा।






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