google.com, pub-3310156774694367, DIRECT, f08c47fec0942fa0
top of page
WhatsApp Image 2025-09-10 at 15.54_edite
ADN FILMS POSTER

BREAKING ADN NEWS

WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.31.jpeg
WhatsApp Image 2026-09-08 at 12.10.10.jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.30 (2).jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.31 (1).jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.30 (1).jpeg

22 हजार की रिश्वत लेते NAN का प्रभारी जिला प्रबंधक गिरफ्तार...

18 hours ago
3 min read
  • 22 हजार रुपये की रिश्वत लेते छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के प्रभारी जिला प्रबंधक गिरफ्तार |

  • 11.39 लाख रुपये के परिवहन बिल के भुगतान के एवज में मांगा था 2 प्रतिशत कमीशन, ACB ने कार्यालय में रंगे हाथ पकड़ा; रायपुर स्थित आवास पर भी छापेमारी।

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-


















बलरामपुर :- छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम (NAN) बलरामपुर के प्रभारी जिला प्रबंधक विद्यासागर गोपाल को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) अंबिकापुर की टीम ने मंगलवार, 29 सितंबर को 22 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोप है कि 11.39 लाख रुपये के लंबित परिवहन बिल का भुगतान जारी करने के एवज में अधिकारी द्वारा दो प्रतिशत कमीशन की मांग की गई थी। गिरफ्तारी के बाद आरोपित को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेजने का आदेश दिया गया।

11.39 लाख रुपये का भुगतान था लंबित-

जानकारी के अनुसार, अंबिकापुर के सत्तीपारा निवासी शिवराज सिंह छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम में खाद्यान्न परिवहन का कार्य करते हैं। उनकी फर्म निगम में पंजीकृत है। उन्होंने वाड्रफनगर क्षेत्र में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 के लिए द्वार प्रदाय परिवहन (DPT) का कार्य किया था। इस कार्य का लगभग 11.39 लाख रुपये का भुगतान लंबित था।

आरोप है कि भुगतान जारी करने के लिए NAN बलरामपुर के प्रभारी जिला प्रबंधक विद्यासागर गोपाल द्वारा दो प्रतिशत कमीशन की मांग की जा रही थी। इसी के तहत 11.39 लाख रुपये के भुगतान के एवज में 22 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई।


शिकायत के बाद ACB ने बिछाया जाल-

रिश्वत की मांग से परेशान होकर शिवराज सिंह ने एंटी करप्शन ब्यूरो अंबिकापुर में शिकायत की। शिकायत का सत्यापन कराया गया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद ACB ने 29 सितंबर को ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई। योजना के तहत शिकायतकर्ता को 22 हजार रुपये की रिश्वत राशि लेकर बलरामपुर स्थित जिला कार्यालय भेजा गया। जैसे ही प्रभारी जिला प्रबंधक ने कथित रूप से रिश्वत की रकम स्वीकार की, पहले से मौजूद ACB की टीम ने कार्यालय कक्ष में ही उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली गई।


भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई-

ACB निरीक्षक शरद सिंह के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। आरोपित विद्यासागर गोपाल का मूल पद सहायक प्रबंधक बताया गया है, जबकि वह बलरामपुर में प्रभारी जिला प्रबंधक के रूप में कार्यरत था। आरोपित के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत कार्रवाई की गई। उसे न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से जेल भेजने का आदेश जारी हुआ।


रायपुर स्थित आवास पर भी छापेमारी-

बलरामपुर में गिरफ्तारी के बाद ACB रायपुर की एक टीम ने आरोपित अधिकारी के न्यू राजेंद्र नगर, रायपुर स्थित आवास पर भी छापेमारी की। प्रारंभिक जांच में आय से अधिक संपत्ति से जुड़े पहलुओं की भी जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है। छापेमारी के दौरान संपत्ति और अन्य दस्तावेजों से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है।


परिवहनकर्ताओं ने भी लगाए कमीशन मांगने के आरोप-

इधर, कुछ परिवहनकर्ताओं ने भी प्रभारी जिला प्रबंधक पर भुगतान के एवज में कमीशन मांगने के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कथित रूप से निर्धारित कमीशन नहीं देने पर भुगतान में परेशानी का सामना करना पड़ता था। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। ACB की कार्रवाई के बाद अब रिश्वत प्रकरण के साथ-साथ आय से अधिक संपत्ति से जुड़े पहलुओं की जांच पर भी नजर बनी हुई है।

शालिनी न्यूज़ एजेंसी

संवाददाता राकेश कुमार साहू जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़ |

Comments


© 2018 by Anis lala dani. Proudly created with breakingadnnews.com

  • Subscribe Channale
bottom of page
naver-site-verification: navere8d42c0359e3e135363406d5b6093c27.html