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‘छत्तीसगढ़ महतारी’ पेंटिंग के कॉपीराइट पर विवाद....

1 hour ago
2 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-

छत्तीसगढ़ सरकार और गैर-सरकारी कार्यक्रमों, पुस्तकों, बैनर-पोस्टरों तथा हैंडबिलों में लंबे समय से उपयोग होती आ रही 'छत्तीसगढ़ महतारी' की प्रतिष्ठित पेंटिंग को लेकर यह बात सामने आई है कि इसका विधिवत कॉपीराइट ईश्वर 'बँधी' के नाम पर पंजीकृत हो चुका है। मैंने कई मंचों पर इस बात को दोहराया है कि छत्तीसगढ़ महतारी के पूर्व में प्रचलित चित्र को नया कलेवर देकर वर्तमान में जो चित्र सामने आया है, उसे कॉपीराइट स्वामी ईश्वर साहू ने ही बनाया है। चूंकि कॉपीराइट अधिनियम, 1957 के अंतर्गत किसी भी कलात्मक कार्य का सर्वाधिकार उसके पंजीकृत स्वामी के पास सुरक्षित होता है, इसलिए अब अनधिकृत रूप से इस चित्र का उपयोग किया जाना कानूनी दायरे में आ सकता है।


यद्यपि यह चित्र लंबे समय से सार्वजनिक डोमेन और विभिन्न शासकीय कार्यालयों में उपयोग होता रहा है, लेकिन वैध पंजीकरण के बाद कॉपीराइट ओनर के पास इसके व्यावसायिक या अप्रमाणित उपयोग पर रोक लगाने का पूर्ण अधिकार आ जाता है। ऐसे में, यदि किसी प्लेटफॉर्म पर इस इमेज का उपयोग बिना अनुमति के लगातार जारी रहता है, तो इसके कलात्मक अधिकार वाले स्वामी की ओर से कानूनी नोटिस या कार्रवाई की संभावना बन सकती है। इसलिए, बौद्धिक संपदा और कॉपीराइट कानूनों का सम्मान करते हुए इसका प्रयोग स्वामी की लिखित अनुमति से ही संभव है, अन्यथा अपनी वेबसाइट और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से (जहां इसका वाणिज्यिक उपयोग हो रहा हो) इस चित्र को हटाना ही कानूनी रूप से सुरक्षित विकल्प है।

अब कोई अन्य व्यक्ति या सरकार इस चित्र का प्रयोग बिना ईश्वर साहू की अनुमति के नहीं कर सकती; यदि करती है, तो ईश्वर साहू इस पर कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं। हालांकि, मुझे नहीं लगता कि ईश्वर साहू इस चित्र के सार्वजनिक उपयोग पर किसी के विरुद्ध कोई कानूनी कार्रवाई करेंगे, क्योंकि उनका उद्देश्य मात्र इस कलात्मक धरोहर के सृजनकर्ता के रूप में अपना अधिकार और नाम सुरक्षित रखना है। उन्हें सरकार को इसके गैर-वाणिज्यिक प्रयोग की अनुमति लिखित में दे देनी चाहिए और सरकार को भी इसे कैबिनेट में पारित कर इसकी घोषणा राजपत्र (गजट) में प्रकाशित कर देनी चाहिए।


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