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देशी लहसुन की बढ़ी मांग, चमकदार विदेशी किस्मों से सावधान रहने की सलाह...

Aug 8
3 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-

नई दिल्ली :- लहसुन भारतीय रसोई का ऐसा मसाला है, जिसके बिना ज्यादातर खानों का स्वाद अधूरा माना जाता है | स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ इसे औषधीय गुणों के कारण भी काफी अहम माना जाता है | लेकिन क्या आप जानते हैं कि बाजार में मिलने वाला हर सफेद और चमकदार लहसुन अच्छी गुणवत्ता का नहीं होता? सब्जी करोबारियों और कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ बाहरी चमक देखकर लहसुन खरीदना नुकसानदेह साबित हो सकता है |


दिल्ली स्थित एशिया की सबसे बड़ी फल-सब्जी मंडी आजादपुर मंडी के लहसुन कारोबारियों के मुताबिक, बाजार में देशी और विदेशी दोनों तरह का लहसुन बिकता है | इनमें कुछ विदेशी किस्में आकार में बड़ी, बेहद सफेद और देखने में आकर्षक होती हैं, लेकिन उनकी गुणवत्ता और स्वाद भारतीय लहसुन से अलग हो सकता है | ऐसे में ग्राहकों को खरीदारी करते समय कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए |


लहसुन व्यापारियों का कहना है कि बाजार में कई बार ऐसा लहसुन देखने को मिलता है, जिसकी कलियां एक जैसी, साइज में बड़ी और बेहद चमकदार सफेद होती हैं | पहली नजर में यह ग्राहकों को आकर्षित करता है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि अच्छी गुणवत्ता का पैमाना केवल उसका रंग या चमक नहीं है | व्यापारियों का यह भी कहना है कि चीन से आने वाले लहसुन के आयात पर साल 2014 से प्रतिबंध लगाया गया था | भारत सरकार ने कीटों, फंगस और ज्यादा मात्रा में कीटनाशक (केमिकल) अवशेषों के खतरे के कारण साल 2014 से इसके आयात पर प्रतिबंध (बैन) लगाया हुआ है | हालांकि, एक लहसुन कारोबारी का कहना है कि ये चाइनीज लहसुन बांग्लादेश और श्रीलंका के रास्ते भारत आता है | उन्होंने चाइनीज लहसुन से कैंसर जैसी बीमारी होने का भी दावा किया है |


स्वाद में होता है बड़ा फर्क - भारतीय लहसुन का स्वाद ज्यादा तीखा होता है | इसकी एक कली चखने पर तेजपन महसूस होता है, जबकि कई चाइनीस लहसुन में तीखापन बहुत कम या ना के बराबर होता है | डंठल से भी हो सकती है पहचानः देसी लहसुन में के डंठल लंबे होते हैं | इसके उलट चाइनीज लहसुन में डंठल न के बराबर होते हैं | हिमाचल और अन्य पहाड़ी क्षेत्रों में ठंडल छोटे होते हैं, लेकिन चाइनील लहसुन के बड़े होते हैं |


रंग और आकार पर भी दें ध्यान - विशेषज्ञों का कहना है कि यह धारणा गलत है कि बड़ा लहसुन हमेशा विदेशी होता है | हिमाचल और कश्मीर में भी बड़े आकार का उच्च गुणवत्ता वाला लहसुन पैदा होता है | हालांकि, भारतीय लहसुन में हल्का गुलाबी, बैंगनी या मिट्टी जैसा प्राकृतिक रंग दिखाई देता है | यदि लहसुन असामान्य रूप से बहुत सफेद और अत्यधिक चमकदार दिखे, तो खरीदने से पहले उसकी गुणवत्ता की जांच जरूर करें |


लहसुन कारोबारियों का कहना है कि यदि बाजार में सस्ता चाइनीज लहसुन पहुंचता है, तो इसका सीधा असर भारतीय किसानों पर पड़ता है | हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में बड़ी मात्रा में गुणवत्तापूर्ण लहसुन का उत्पादन होता है | लेकिन कम कीमत वाले आयातित माल के कारण किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाता | किसानों का मानना है कि यदि घरेलू उत्पादन को बढ़ावा दिया जाए और अवैध आयात पर प्रभावी रोक लगे, तो उनकी आय में उल्लेखनीय सुधार हो सकता है |


लहसुन खरीदते समय रखें ये बातें केवल सफेद और चमकदार दिखने वाले लहसुन पर भरोसा न करें | स्थानीय किसानों या भरोसेमंद विक्रेताओं से लहसुन खरीदने को प्राथमिकता दें |खरीदने से पहले उसका रंग, डंठल और प्राकृतिक बनावट जरूर देखें | स्वाद और तीखेपन को भी गुणवत्ता का एक महत्वपूर्ण संकेत माना जाता है |

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