छत्तीसगढ़ में ग्रीन एनर्जी का बड़ा विजन, कुल खपत का 15% हिस्सा रिन्यूएबल एनर्जी से पूरा करने की तैयारी...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
रायपुर: छत्तीसगढ़ में ऊर्जा के क्षेत्र में बड़े बदलाव की तैयारी तेजी से चल रही है। राजधानी रायपुर लौटने के बाद मुख्यमंत्री ने अपने दिल्ली दौरे के अनुभव साझा करते हुए प्रदेश की नई ऊर्जा नीतियों पर विस्तार से बात की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य प्रदेश की कुल ऊर्जा खपत का 15 प्रतिशत हिस्सा पूरी तरह से नवीकरणीय (रिन्यूएबल) ऊर्जा स्रोतों से पूरा करना है। इसके लिए सौर ऊर्जा के विस्तार को सबसे अधिक प्राथमिकता दी जा रही है।
हाल ही में नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 'भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो 2026' में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री ने बताया कि इस राष्ट्रीय मंच पर देश-दुनिया की ग्रीन एनर्जी और आधुनिक तकनीकों को करीब से देखने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि देश प्रधानमंत्री के नेतृत्व में स्वच्छ ऊर्जा की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है, और छत्तीसगढ़ भी इस बदलाव में अपनी मजबूत हिस्सेदारी सुनिश्चित कर रहा है।
सौर ऊर्जा और सोलर विलेज की ओर बढ़ते कदम -
प्रदेश में सौर ऊर्जा को जन-जन तक पहुँचाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। 'प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' इस दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है। इसका एक बेहतरीन उदाहरण राजनांदगांव जिले का खैरा गाँव है, जिसे छत्तीसगढ़ के पहले 'सोलर विलेज' के रूप में एक नई पहचान मिली है। यहाँ के स्थानीय निवासी सौर ऊर्जा अपनाकर आत्मनिर्भर बन रहे हैं, जो पूरे प्रदेश के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है।
राज्योत्सव और केंद्रीय गृह मंत्री का दौरा -
छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित राज्योत्सव के समापन समारोह को लेकर प्रदेश में उत्साह का माहौल है। इस महत्वपूर्ण आयोजन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हो रहे हैं। इस दौरान छत्तीसगढ़ के विकास और विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट योगदान देने वाली प्रतिभाओं को प्रतिष्ठित 'राज्योत्सव अलंकरण' से सम्मानित किया जाएगा, जिसे प्रदेश के लिए एक गौरवशाली क्षण बताया गया है।
राजनीतिक बयानबाजी और नक्सल मुद्दे पर वार -
दूसरी ओर, राजनीतिक मोर्चे पर भी सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस नेताओं और राहुल गांधी के बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए सरकार ने पलटवार किया है कि विपक्ष आज पूरी तरह से मुद्दाविहीन हो चुका है और केवल जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहा है।
वहीं, नक्सल मुक्त पंचायतों को एक-एक करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि देने के फैसले पर कांग्रेस द्वारा उठाए जा रहे सवालों का भी कड़ा जवाब दिया गया। सरकार का स्पष्ट कहना है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस शासनकाल में नक्सलवाद के खिलाफ कभी मजबूत इच्छाशक्ति नहीं दिखाई गई, जबकि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में कड़े कदम उठाते हुए प्रदेश में शांति, सुरक्षा और विकास को सर्वोपरि रखा जा रहा है।






.jpeg)
.jpeg)
.jpeg)
.jpg)




Comments