BSP स्क्रैप चोरी की जांच करेगी CBI, खुलेगा पूरा नेटवर्क...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
दुर्ग :- भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) से स्क्रैप चोरी के मामले में अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जांच करेगी। लंबे समय से इस मामले की केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की मांग उठ रही थी। विधायक रिकेश सेन की शिकायत और लगातार की जा रही मांग के बाद गृह मंत्रालय की ओर से राजपत्र जारी कर मामले की जांच CBI को सौंपे जाने की जानकारी दी गई है। यह मामला पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र में दर्ज है। भिलाई इस्पात संयंत्र देश के बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों में शामिल है। यहां से स्क्रैप चोरी का मामला सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर जांच शुरू की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे लेकर कई तरह के सवाल भी उठे थे। इसके बाद केंद्रीय जांच की मांग तेज हुई।
विधायक रिकेश सेन ने इस मामले को लेकर शिकायत की थी और मांग की थी कि स्क्रैप चोरी की जांच केंद्रीय एजेंसी से कराई जाए। उनका कहना था कि मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच जरूरी है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके। लगातार मांग उठने के बाद अब गृह मंत्रालय की ओर से राजपत्र जारी कर मामले की जांच CBI को सौंपे जाने की जानकारी सामने आई है।
स्क्रैप चोरी से जुड़ा यह मामला पुरानी भिलाई थाना में दर्ज है। अब CBI इस प्रकरण से जुड़े दस्तावेज, पुलिस रिकॉर्ड, जब्ती, पूछताछ और अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों की समीक्षा कर सकती है। स्थानीय पुलिस की ओर से अब तक की गई जांच का पूरा रिकॉर्ड भी केंद्रीय एजेंसी के लिए महत्वपूर्ण होगा। CBI मामले की तह तक पहुंचने के लिए पुराने दस्तावेजों के साथ संबंधित लोगों से पूछताछ कर सकती है।
भिलाई इस्पात संयंत्र से स्क्रैप चोरी का मामला केवल चोरी तक सीमित है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था, यह अब CBI जांच में स्पष्ट हो सकता है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि स्क्रैप किस तरह बाहर निकाला गया, इसमें किन लोगों की भूमिका रही और चोरी की सामग्री कहां पहुंचाई गई। इसके साथ ही यह भी देखा जा सकता है कि मामले में किसी अंदरूनी व्यक्ति की मिली भगत थी या नहीं।
CBI जांच शुरू होने के बाद संयंत्र से जुड़े रिकॉर्ड और स्क्रैप के आवागमन से संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा सकती है। प्रवेश और निकासी से जुड़े रिकॉर्ड, वाहनों की आवाजाही, गेट पास और अन्य दस्तावेज भी जांच के दायरे में आ सकते हैं। यदि किसी तरह की वित्तीय लेन-देन की जानकारी सामने आती है तो उसकी भी पड़ताल की जा सकती है।
मामला CBI को सौंपे जाने की जानकारी सामने आने के बाद भिलाई और दुर्ग में इसे लेकर हलचल बढ़ गई है। अब तक स्थानीय स्तर पर जांच के दायरे में रहे लोगों की भूमिका पर केंद्रीय एजेंसी नए सिरे से नजर डाल सकती है। CBI की जांच के बाद मामले में कई नए तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
भिलाई इस्पात संयंत्र एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक क्षेत्र का औद्योगिक प्रतिष्ठान है। ऐसे में यहां से स्क्रैप चोरी का मामला सुरक्षा और प्रबंधन दोनों से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय माना जा रहा है। केंद्रीय एजेंसी इस बात की भी जांच कर सकती है कि चोरी की घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसे रोकने के लिए मौजूद व्यवस्था में कहां कमी रही।
गृह मंत्रालय की ओर से राजपत्र जारी होने के बाद अब मामले की जांच की दिशा बदल गई है। स्थानीय पुलिस से मामला और संबंधित दस्तावेज CBI को सौंपे जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि CBI जांच में किन लोगों की भूमिका सामने आती है और स्क्रैप चोरी के पूरे नेटवर्क को लेकर क्या तथ्य उजागर होते हैं।






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