बीजापुर कैंप में CAF जवान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत: सुसाइड या साजिश....

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
बीजापुर: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां के फरसेगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत सेंड्रा कैंप में छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (CAF) के 42 वर्षीय आरक्षक विजेंद्र ठाकुर की गोली लगने से मौत हो गई है। पुलिस इसे प्रथम दृष्टया खुद को गोली लगने का मामला मानकर जांच कर रही है, वहीं दूसरी ओर मृतक के परिजनों ने इसे आत्महत्या मानने से साफ इंकार करते हुए हत्या की आशंका जताई है। इस गंभीर घटना के बाद से इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
ड्यूटी के दौरान कैंप में मिला शव -
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना बुधवार सुबह की है। मृतक आरक्षक विजेंद्र ठाकुर की सुबह 3:00 बजे से 5:00 बजे तक सुरक्षा ड्यूटी तय की गई थी। निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी जब वह अपनी पोस्ट से वापस नहीं लौटे, तो साथी जवानों ने उनकी खोजबीन शुरू की। कुछ ही देर बाद कैंप परिसर में उनका खून से लथपथ शव बरामद हुआ। उनके सीने में गोली लगी हुई थी और पास ही उनकी सर्विस इंसास राइफल भी पड़ी थी। घटना के तुरंत बाद कैंप में अफरा-तफरी मच गई और वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई।
छुट्टी से लौटने के कुछ दिन बाद ही हुआ हादसा -
फरसेगढ़ थाना प्रभारी आनंद शुक्ला ने बताया कि आरक्षक विजेंद्र ठाकुर लगभग 75 दिनों की लंबी छुट्टी बिताने के बाद महज 10 दिन पहले ही ड्यूटी पर वापस लौटे थे। ड्यूटी ज्वाइन करने के बाद वह नियमित रूप से अपनी सुरक्षा जिम्मेदारी संभाल रहे थे। पुलिस अब इस बात की बारीकी से जांच कर रही है कि घटना से ठीक पहले उनका व्यवहार कैसा था और उन्होंने किन-किन लोगों से बातचीत की थी। फिलहाल पुलिस हरसंभव एंगल से मामले की तह तक जाने का प्रयास कर रही है।
सूरजपुर गांव पहुंचते ही गरमाया मामला, परिजनों का बड़ा दावा -
बुधवार की घटना के बाद जब जवान का पार्थिव शरीर उनके गृहग्राम (सूरजपुर) पहुंचा, तो माहौल काफी गमगीन और तनावपूर्ण हो गया। शुक्रवार को अंतिम संस्कार के दौरान परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने मौत की परिस्थितियों पर गहरा संदेह जताया। परिजनों का स्पष्ट तौर पर कहना है कि विजेंद्र ठाकुर मानसिक रूप से मजबूत थे और वे ऐसा कोई कदम नहीं उठा सकते। उन्होंने सीधे तौर पर हत्या की आशंका जताते हुए प्रशासन से उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है, ताकि सच सामने आ सके।
फॉरेंसिक और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी निगाहें -
परिजनों के तीखे तेवर और गंभीर आरोपों के बाद अब पुलिस जांच का दायरा और बढ़ा दिया गया है। गोली किस परिस्थिति में चली, सर्विस राइफल की फॉरेंसिक रिपोर्ट क्या कहती है, और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या खुलासे होते हैं—इन सभी साक्ष्यों के आधार पर ही मौत की असली वजह का पर्दाफाश हो सकेगा। इसके अलावा, कैंप में मौजूद अन्य साथी जवानों से भी लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि घटना की हर एक कड़ी को जोड़ा जा सके।






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