नौकरी लगाने के नाम पर 20 लाख की ठगी कर, आराम से घूम रहे आरोपी...
वर्त्तमान डिजिटल युग में खुलेआम फर्जीवाड़ा
समाज को राह दिखाने वाला ही निकला धोखेबाज
वन रक्षक, नर्स, वार्ड बॉय, मंडी निरीक्षक
और न जाने कितनों के नाम से डकार लिए लाखों रूपये
प्रार्थी कसडोल का, आरोपी बिलासपुर जिले का....

उक्त मामला है छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले के कसडोल थाने का, जहाँ 29 जून 2023 को अरुण देवांगन ने थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी, कि दिलहरण देवांगन जो कि बिलासपुर जिले के कोटा ब्लॉक के उमरिया दादर में शिक्षक वर्ग 1 के पद पर पदस्थ है ने मेरी पत्नी और भाई समेत तीन अन्य व्यक्तियों की नौकरी लगाने के नाम पर 20 लाख से अधिक की धोखाधड़ी की है।
आरोपी ने अरुण कुमार देवांगन से उसके पत्नी प्रमिला देवांगन को नर्स की नौकरी व भाई किशोर कुमार देवांगन को वार्ड बॉय की नौकरी लगाने के नाम पर लगभग 11 लाख रुपए के साथ सर्वांनी निवासी दीपांशु कोसले और राकेश कोसले को वन रक्षक पद पर नौकरी लगाने के नाम पर 8 लाख रूपये और यशवंत बंजारे से मंडी निरीक्षक के पद पर नौकरी लगाने 4 लाख 50 हजार रूपये की धोखाधड़ी की है।
प्रार्थी अरुण कुमार देवांगन ने बताया की उसने अपने भाई और अपनी पत्नी की नौकरी लगाने के लिए आरोपी दिलहरण देवांगन को अपनी पुश्तैनी जमीन को गिरवी रखकर पैसा दिया था इसके बावजूद ना तो नौकरी लगाई गई और ना मेरा पैसा वापस किया गया। ऐसे में पीड़ित पक्ष अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहा है और पुलिस द्वारा भी न्याय नहीं मिलने पर गृह मंत्री से मुलाकात कर उनसे आग्रह करने की बात कर रहा है।
आरोपी शिक्षक को पुलिस अब तक नहीं पकड़ पाई है।
थाना प्रभारी के सी दास का कहना है कि नौकरी के नाम पर ठगी करने की जून में रिपोर्ट दर्ज की है। आरोपी दिलहरण देवांगन गिरफ्तार नहीं हो पाया है। आरोपी की पता साजी करते उनके घर हमारी टीम जब उसके घर गई थी तो घरवालों ने आरोपी शिक्षक को हार्ट पेशेंट बताते हुए इलाज़ पर जाना बताया। शिक्षक दिलहरण देवांगन के खिलाफ धारा 420 के तहत कसडोल थाने में मामला दर्ज है।
बिलासपुर जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश कुमार कौशिक का कहना है कि 29 जून 2023 के बाद से दिलहरण देवांगन स्कूल से नदारद है। वो एफआईआर के बाद से स्कूल ही नहीं गया, बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि आरोपी शिक्षक पर गिरफ्तार होते ही 24 घंटे के अंदर निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही स्कूल न जाने की बात पर जिला शिक्षा अधिकारी ने उसकी तनख्वाह भी नहीं बनाई है। जिला शिक्षा अधिकारी ने शिक्षक की लगातार अनुपस्थिति पर कहा कि अगर शिक्षक बिना कारण बताए स्कूल नहीं जा रहा है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।






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