सड़क के गड्ढों में तालाब जैसा पानी: युवक का अनोखा विरोध प्रदर्शन, बदहाल सड़क पर नहाकर जताया रोष....

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में विकास के दावों के बीच एक बदहाल सड़क प्रशासनिक व्यवस्था की हकीकत बयां कर रही है। बलौदाबाजार से सिमगा मार्ग पर ग्राम रिसदा में करीब 300 मीटर का सड़क हिस्सा लंबे समय से अधूरा होने के कारण लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं और बारिश का पानी भरने से यह मार्ग सड़क के बजाय तालाब जैसा नजर आने लगा है। इससे परेशान ग्रामीणों का गुस्सा अब सामने आने लगा है। इसी समस्या की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए स्थानीय युवा नितेश मांडले ने अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने सड़क पर पानी से भरे गड्ढों में बैठकर बाकायदा स्नान किया और जिम्मेदारों के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की।
300 मीटर सड़क बनी राहगीरों के लिए मुसीबत
बलौदाबाजार-सिमगा मार्ग क्षेत्र का महत्वपूर्ण आवागमन मार्ग है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इस रास्ते से आवागमन करते हैं। इसके बावजूद ग्राम रिसदा के बीच करीब 300 मीटर का हिस्सा अधूरा पड़ा है। निर्माण कार्य पूरा नहीं होने और सड़क की मरम्मत नहीं किए जाने के कारण यहां जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं। बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी भर जाने से समस्या और गंभीर हो जाती है। पानी के कारण वाहन चालकों को गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। ऐसे में दोपहिया वाहन चालकों और पैदल चलने वालों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। थोड़ी सी असावधानी भी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
विकास के दावों के बीच जवाबदेही पर सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क, नाली और सुरक्षित आवागमन जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। इसके बावजूद मुख्य मार्ग का एक छोटा सा हिस्सा लंबे समय से अधूरा पड़ा है। सड़क की खराब स्थिति ने विकास कार्यों की निगरानी और निर्माण में देरी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों के बीच सड़क निर्माण की गुणवत्ता, कार्य की निगरानी और मरम्मत में देरी को लेकर भी नाराजगी है। ऐसे में संबंधित विभाग द्वारा मौके का निरीक्षण और निर्माण कार्य से जुड़े दस्तावेजों की समीक्षा जरूरी है।
ग्रामीणों ने की जल्द सड़क निर्माण की मांग
ग्राम रिसदा के लोगों की मांग है कि अधूरे 300 मीटर सड़क हिस्से का निर्माण जल्द पूरा कराया जाए। इसके साथ ही सड़क पर बने गहरे गड्ढों को तत्काल भरने और बारिश के पानी की निकासी के लिए उचित व्यवस्था करने की जरूरत बताई जा रही है। ग्रामीण चाहते हैं कि संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर सड़क की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करें और निर्माण में हो रही देरी के कारणों को स्पष्ट करें। नितेश मांडले का गड्ढों में नहाकर किया गया यह अनोखा प्रदर्शन अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। अब देखना यह है कि क्या प्रशासन इस विरोध को गंभीरता लेते हुए रिसदा की सड़क की समस्या को दूर करता है या ग्रामीणों को इसी बदहाल मार्ग से गुजरने के लिए मजबूर होना पड़ेगा?






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