भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी का कांग्रेस पर तीखा हमला.....

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से :-
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी ने युवा कांग्रेस के संगठन चुनाव में धांधली, आंतरिक गुटबाजी तथा राज्य के बहुचर्चित पीएससी घोटाले को लेकर कांग्रेस नेतृत्व को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि एक तरफ कांग्रेस पार्टी लोकतंत्र और संविधान की दुहाई देकर अपने ही संगठन में धांधली करने वालों पर मौन साधे बैठी है, वहीं दूसरी तरफ सीजी पीएससी घोटाले की जाँच में हो रहे नित-नए खुलासों को युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मुँह पर टेप चिपका रखा है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता चिमनानी ने गुरुवार को एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। कांग्रेस में कुर्सी की दौड़ और अंतर्कलह का जिक्र करते हुए उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज द्वारा टी.एस. सिंहदेव और चरणदास महंत को अपने साथ बिठाकर मुख्यमंत्री पद का दावेदार बताए जाने पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि विधानसभा चुनाव की घोषणा से सवा दो साल पहले ऐसी बयानबाजी क्या यह दर्शाती है कि भूपेश बघेल अब कांग्रेस के सर्वमान्य नेता नहीं रहे? चिमनानी ने याद दिलाया कि पूर्व में टी.एस. सिंहदेव के प्रदेश अध्यक्ष बनने की इच्छा जताने पर दीपक बैज ने उन्हें दिल्ली की राजनीति करने की सलाह दी थी।
युवा कांग्रेस के संगठन चुनावों में मचे बवाल पर टिप्पणी करते हुए चिमनानी ने कहा कि कांग्रेस के ही पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं द्वारा धांधली, फर्जी मतदान, फर्जी मतदाता सूची और वोट चोरी करने के आरोप लगाए जा रहे हैं। सरगुजा कांग्रेस के जिला पंचायत सदस्य पंकज तिवारी ने युवा कांग्रेस चुनाव में फर्जी मतदान का आरोप लगाते हुए चुनाव को निरस्त करने की मांग की है। इसी तरह कुनकुरी के कांग्रेस अध्यक्ष विनय शील द्वारा पूर्व विधायक व संसदीय सचिव यू.डी. मिंज को चुनाव से दूर रहने की चेतावनी दी गई। इसके अलावा भानुप्रतापपुर विधायक सावित्री मंडावी पर भी युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
चिमनानी ने सीजी पीएससी घोटाले की चल रही जाँच के नए खुलासों के मद्देनजर इसे युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया। जाँच एजेंसियों के ताजा इनपुट्स का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2021-22 की परीक्षा में लगभग 1.29 लाख अभ्यर्थियों में से केवल 170 अभ्यर्थी (0.13%) चयनित हुए। इस सीमित परिणाम में भी बड़े पैमाने पर अपनों को लाभ पहुँचाने और रिश्वतखोरी के मामले सामने आए। जाँच एजेंसियों द्वारा विशेष अदालत को दी गई जानकारी के अनुसार, घोटाले में सीएसआर मद से 45 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया है। कुल मिलाकर लगभग सवा तीन करोड़ रुपये के घोटाले से जुड़े नए तथ्य उजागर हुए हैं।
चिमनानी ने कहा कि इस मामले में गिरफ्तार व जाँच के दायरे में पूर्व सीएम भूपेश बघेल के करीबी हैं। इनमें टामनसिंह सोनवानी, नितेश सोनवानी, शशांक गोयल और किशोर ध्रुव सहित कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। इसके अलावा बघेल के पूर्व निजी सहायक के.के. चंद्रवंशी और सीएमओ विशेष सेवा के चेतन बोरझरिया के नाम भी सामने आए हैं। जाँच के अनुसार यह घोटाला मुख्य रूप से दो माध्यमों से अंजाम दिया गया— पहला फर्जी नियुक्तियां करवाकर और दूसरा पेपर लीक के जरिए अवैध वसूली करके।
राहुल गांधी और शीर्ष नेतृत्व की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए चिमनानी ने राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम पर तंज कसा और इसे 'झूठ की गूंज' करार दिया। उन्होंने कहा कि पूरे देश में युवाओं के हक की बात करने वाले राहुल गांधी, प्रियंका वाड्रा और सोनिया गांधी छत्तीसगढ़ के पीएससी घोटाले पर पूरी तरह मौन साधे हुए हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या इस घोटाले के सरगनाओं को कांग्रेस का संरक्षण प्राप्त है और क्या इस भ्रष्टाचार की काली कमाई शीर्ष नेतृत्व तक भी पहुंची है? कांग्रेस पार्टी को इन दोनों गंभीर विषयों पर छत्तीसगढ़ की जनता के सामने स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।






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