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बिलासपुर सीवरेज प्रबंधन पर हाईकोर्ट का बड़ा रुख, अरपा नदी के संरक्षण को लेकर मांगी विस्तृत कार्ययोजना....

46 minutes ago
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ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-

बिलासपुर: बिलासपुर में सीवरेज प्रबंधन और अरपा नदी में हो रहे प्रदूषण को रोकने हाईकोर्ट ने नगर निगम से विस्तृत कार्ययोजना मांगी है। चीफ जस्टिस कृष्ण राम महापात्र, जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने शासन को नया एफिडेविट प्रस्तुत कर यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि क्या सिर्फ 4 एसटीपी से 70 नालों का पानी साफ हो जाएगा? चीफ सेक्रेटरी प्रस्तुत किया शपथ पत्र चीफ सेक्रेटरी विकासशील ने इस बारे में हाईकोर्ट में शपथ पत्र प्रस्तुत कर कहा कि फिलहाल सभी एसटीपी पूरे होने वाले हैं। इसके बाद कितना गंदा पानी इनसे साफ होगा, इसकी समीक्षा की जाएगी। इसके बाद ही बताया जा सकता है कि और एसटीपी की जरूरत है या नहीं। हाईकोर्ट ने इसे स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई 17 नवंबर 2026 को तय की है।


70 नालों से रोज निकलता है सीवरेज अरपा नदी के संरक्षण और संवर्धन मामले में डिवीजन बेंच के समक्ष शासन की ओर से प्रस्तुत एफिडेविट के अनुसार, बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र की आबादी करीब 6 लाख 68 हजार 540 है और प्रतिदिन लगभग 72.20 एमएलडी सीवरेज उत्पन्न होता है। इसे सीवरेज नेटवर्क और करीब 70 नालों के माध्यम से चैनलाइज किया जाता है। कोर्ट ने मांगी ये जानकारी सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह भी जानकारी मांगी कि अतिरिक्त एसटीपी जरूरी हैं तो शासन को उनकी क्षमता, स्थान, निर्माण की समय-सीमा और अरपा नदी में पानी छोड़े जाने से पहले पूर्ण ट्रीटमेंट सुनिश्चित करने के उपायों की जानकारी भी देनी होगी। शासन के अनुसार, वर्तमान में चार सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट संचालित हैं, जिनकी कुल क्षमता 78 एमएलडी है, जबकि इनका वास्तविक उपयोग करीब 43.90 एमएलडी हो रहा है। एफिडेविट में बताया गया कि 16 एमएलडी क्षमता के दो और एसटीपी निर्माणाधीन हैं।


इनमें से एक ट्रायल रन के चरण में है, जबकि दूसरे के 31 दिसंबर 2026 तक पूरा होने की संभावना है। दोनों के चालू होने के बाद शहर की कुल सीवरेज ट्रीटमेंट क्षमता 94 एमएलडी हो जाएगी, जो वर्तमान अनुमानित सीवरेज उत्पादन 72.20 एमएलडी से अधिक है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने प्रशासन से पूछा कि शहर के सभी नालों का सीवरेज का पानी वास्तव में एसटीपी तक पहुंच रहा है या नहीं। डिवीजन बेंच ने अतिरिक्त मुख्य सचिव, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, छत्तीसगढ़ शासन को नया एफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया है। एफिडेविट में विशेष रूप से बताना होगा कि नगर निगम क्षेत्र के सभी 70 नाले, निर्माणाधीन दो एसटीपी समेत उपलब्ध छह एसटीपी से कवर और कनेक्टेड हैं या नहीं तथा प्रत्येक नाले से निकलने वाले सीवरेज को प्रभावी ढंग से इंटरसेप्ट, डायवर्ट और ट्रीट किया जा रहा है या नहीं।

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