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भारतीय शेयर बाजार को बड़ा झटका: विदेशी निवेशकों ने निकाले ₹3.08 लाख करोड़...

2 minutes ago
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ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-

भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली का दौर लगातार जारी है। अक्टूबर 2026 में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने अब तक भारतीय शेयरों से 48,056 करोड़ रुपये निकाल लिए हैं। इसके साथ ही, चालू वर्ष 2026 में अब तक FPI की कुल शुद्ध निकासी बढ़कर लगभग ₹3.08 लाख करोड़ तक पहुंच चुकी है, जो पिछले साल 2025 (₹1.66 लाख करोड़) के मुकाबले काफी ज्यादा है।


विदेशी निकासी के प्रमुख कारण-

  • कच्चे तेल की ऊंची कीमतें: पश्चिम एशिया (Middle East) में बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर करीब 114 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, जिससे देश के आयात बिल और महंगाई पर गंभीर दबाव बढ़ गया है।

  • भू-राजनीतिक तनाव और महंगाई: मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण निवेशकों में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति बढ़ी है।

  • कमजोर कॉरपोरेट आय की आशंका: महंगे तेल और बढ़ती लॉजिस्टिक्स लागत के कारण कंपनियों के मुनाफे पर दबाव आने की आशंका है, जिससे निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं।

  • अमेरिकी ब्याज दरें: ऊंची अमेरिकी ब्याज दरों और बॉन्ड यील्ड के चलते भी वैश्विक निवेशक उभरते बाजारों से पूंजी निकालकर सुरक्षित विकल्पों का रुख कर रहे हैं।


सप्ताह के अंत में मिली कुछ राहत लगातार बिकवाली के बीच अक्टूबर के अंतिम सप्ताह (23 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह) में थोड़ी राहत देखने को मिली। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट, रुपये में मजबूती और बड़े शेयरों के आकर्षक वैल्युएशन के चलते विदेशी निवेशकों की बिकवाली की रफ्तार धीमी हुई और वे कुछ दिनों के लिए शुद्ध खरीदार भी बने।


घरेलू निवेशकों ने संभाला मोर्चा विदेशी निवेशकों की इस भारी बिकवाली के बावजूद घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) और म्यूचुअल फंड्स में SIP के जरिए आ रहे निवेश ने भारतीय बाजार को बड़ा सहारा दिया है। हालांकि, आने वाले समय में बाजार की चाल अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसलों, कच्चे तेल के दामों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर ही निर्भर करेगी।

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