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बुजुर्ग महिला हत्याकांड की जांच के बीच घुमका पुलिस पर मारपीट का आरोप...

Aug 24
3 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-

राजनांदगांव :- छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले की घुमका पुलिस पर मारपीट का आरोप लगा है। आरोप है कि पुलिस ने हत्या की जांच के दौरान दो युवकों को करीब 36 घंटे तक अवैध हिरासत में रखा और उनकी पिटाई की। मारपीट के बाद पीड़ितों के कूल्हे में सूजन और लाल निशान पड़ गए। परिवार वालों ने चोट के निशान का वीडियो बनाकर एसपी को सौंपा है और संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। दरअसल, करीब 1 साल पहले ग्राम बरबसपुर में 70 साल की बुजुर्ग महिला की अधजली लाश मिली थी, पुलिस ने दोनों पोतों को संदेह के आधार पर पूछताछ के लिए बुलाया था, इसी दौरान दोनों युवकों ने पुलिस पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले की जांच की बात कही है।


11 नवंबर 2025 को ग्राम बरबसपुर में बिहासीन साहू (70) की अधजली लाश उनके ही पैराग्रहा (पैरावट) में मिली थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हत्या के बाद शव जलाए जाने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद घुमका पुलिस मामले की जांच कर रही थी। जांच के दौरान पुलिस ने संदेह के आधार पर मृतका के बेटे नेतराम साहू और उनके पोते पवन साहू और प्रदीप साहू को पूछताछ के लिए थाने बुलाया था। पीड़ित परिवार का आरोप है कि तीनों को 18 अगस्त 2026 की सुबह से 20 अगस्त 2026 की शाम तक थाने में रखा गया।


नेतराम साहू ने एसपी को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि करीब 10 से 12 पुलिसकर्मियों ने उनके बेटों पवन और प्रदीप को लाठियों से पीटा। दोनों पर हत्या का जुर्म कबूल करने के लिए दबाव बनाने का भी आरोप लगाया गया है। पीड़ितों के मुताबिक, मारपीट के कारण उनकी हालत बिगड़ गई। आरोप है कि हिरासत के दौरान उन्हें न तो वकील या परिजनों से मिलने दिया गया और न ही समय पर इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई गई। परिवार के अनुसार, करीब 36 घंटे तक पूछताछ के बाद 20 अगस्त की शाम पुलिस तीनों को बरबसपुर के प्रवेश द्वार के पास छोड़कर चली गई। इसके बाद पवन और प्रदीप की तबीयत खराब होने पर उन्हें इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया।


घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने एसपी कार्यालय पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत की और पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग रखी। एसपी को सौंपी शिकायत में नेतराम साहू ने बताया कि घटना वाले दिन वे अपने दोनों बेटों के साथ दूसरे गांव में लड़की देखने गए थे। इसी दौरान उन्हें फोन पर वृद्धा की मौत की जानकारी मिली। आरोप है कि पुलिस असली आरोपियों की तलाश करने के बजाय उन्हें ही हत्या के मामले में फंसाने का प्रयास कर रही है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।


मामले में एडिशनल एसपी कीर्तन राठौर ने बताया कि तीनों मृतका के रिश्तेदार हैं और मामले के मुख्य संदेही हैं। इसी सिलसिले में उनसे पूछताछ की जा रही थी। उन्होंने कहा कि कस्टडी में मारपीट और दुर्व्यवहार के आरोपों की अलग से निष्पक्ष जांच की जा रही है। वहीं, हत्या के मामले में भी पुलिस की जांच जारी है। एक ओर पुलिस 70 वर्षीय बिहासीन साहू की हत्या और शव जलाने के मामले की जांच कर रही है, वहीं दूसरी ओर हिरासत में मारपीट के आरोपों की अलग से जांच शुरू की गई है। फिलहाल पुलिसकर्मियों पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

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