एयर चीफ मार्शल ने की कैप्टन स्मित मच्छर के साहस की तारीफ....

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-
नई दिल्ली। शनिवार को दिल्ली में 94वें वायु सेना दिवस के अवसर पर आयोजित वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि मच्छर ने जिस तरह की शारीरिक और मानसिक दृढ़ता दिखाई, वह असाधारण है और एविएशन कम्युनिटी के लोगों के लिए सीख का विषय है। एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा, “उन्होंने जो किया है, वह असाधारण रूप से बहादुरी भरा है। भारतीय वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में जानलेवा कॉकपिट हमले के दौरान भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी की सराहना की है। उन्होंने जबरदस्त शारीरिक और मानसिक संकल्प दिखाया। यह हमारे लिए एक सीख है।”
हमला 30 सितंबर को हुआ था गंभीर-
फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही थी। विमान में 170 से अधिक यात्री सवार थे। उड़ान के दौरान कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर और उनके ओमानी को-पायलट के बीच गंभीर टकराव हुआ। आधिकारिक जांच के मुताबिक, को-पायलट ने कैप्टन पर हमला किया और विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की कोशिश की।हमले के दौरान विमान अचानक तेजी से नीचे आने लगा। रॉयटर्स के अनुसार, विमान लगभग 30 सेकंड में 14,000 फीट से अधिक नीचे चला गया, जिससे यात्रियों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई। बाद में रिजर्व पायलटों और यात्रियों की मदद से स्थिति संभाली गई। विमान को सऊदी अरब के ताबुक एयरपोर्ट की ओर डायवर्ट कर सुरक्षित उतारा गया।
घायल होने के बावजूद नहीं छोड़ा नियंत्रण
रिपोर्टों के मुताबिक, हमले में कैप्टन स्मित मच्छर गंभीर रूप से घायल हुए, लेकिन उन्होंने हालात के आगे हार नहीं मानी। उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की, जिससे दूसरे क्रू सदस्य और यात्रियों को अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू करने का मौका मिला। इसी हस्तक्षेप के बाद विमान पर नियंत्रण वापस हासिल किया जा सका। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, हमले के बाद रिजर्व फ्लाईदुबई क्रू ने विमान को संभाला और ताबुक में आपातकालीन लैंडिंग कराई। इस दौरान यात्रियों और चालक दल की कार्रवाई से एक बड़ी विमान दुर्घटना टल गई।
दुनियाभर में हुई बहादुरी की तारीफ
घटना के बाद कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हुई। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू समेत कई नेताओं ने उनके साहस की सराहना की। इजरायल की ओर से भी उनके सम्मान की घोषणा की गई है। इजरायल के अधिकारियों ने कहा है कि इस घटना में यात्रियों और चालक दल की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण रही। वहीं, UAE ने 3 अक्टूबर को इस घटना को आतंकी हमला बताया और जांच आगे बढ़ाने की बात कही। घटना के पीछे के मकसद और को-पायलट से जुड़े संभावित पहलुओं की विभिन्न एजेंसियां जांच कर रही हैं।
IAF चीफ की टिप्पणी क्यों अहम
वायु सेना प्रमुख की टिप्पणी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कैप्टन स्मित मच्छर भारतीय वायु सेना के अधिकारी नहीं, बल्कि वाणिज्यिक विमानन से जुड़े पायलट हैं। इसके बावजूद एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने उनकी प्रतिक्रिया को पेशेवर साहस और संकट के समय मानसिक दृढ़ता के उदाहरण के तौर पर रेखांकित किया। विमानन क्षेत्र में पायलटों को अचानक पैदा होने वाली आपात परिस्थितियों में बेहद कम समय में निर्णय लेने पड़ते हैं। FZ1073 की घटना में स्थिति सामान्य उड़ान से कुछ ही पलों में गंभीर संकट में बदल गई थी। ऐसे समय में कैप्टन मच्छर का घायल होने के बावजूद सक्रिय रहना और सहायता का रास्ता बनाना घटना का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
फ्लाईदुबई की इस घटना की विस्तृत जांच अभी जारी है। UAE ने इसे आतंकी घटना के रूप में वर्गीकृत किया है, जबकि जांच एजेंसियां हमले के कारण, को-पायलट की पृष्ठभूमि और सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, घटना के बाद कैप्टन और को-पायलट दोनों को चिकित्सकीय सहायता दी गई थी। इस पूरी घटना ने एक बार फिर दिखाया कि विमान में किसी भी अप्रत्याशित संकट के दौरान पायलट, क्रू और यात्रियों की त्वरित प्रतिक्रिया कितनी महत्वपूर्ण हो सकती है। एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी को इसी संदर्भ में एक ऐसी सीख बताया है, जो पूरे एविएशन समुदाय के लिए प्रासंगिक है।






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