गंजाम में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए अदाणी फाउंडेशन ने बढ़ाया राहत अभियान...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:- ओडिशा :- ओडिशा के गंजाम जिले में चक्रवात ‘अर्नब’ के बाद आई भीषण बाढ़ से प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए अदाणी फाउंडेशन ने राहत अभियान तेज कर दिया है। गोपालपुर बंदरगाह की CSR इकाई अदाणी फाउंडेशन, जिला प्रशासन के सहयोग से प्रभावित परिवारों तक जरूरी खाद्य सामग्री पहुंचाएगी। अभियान के तहत जिले के विभिन्न प्रखंडों में करीब 6,500 सूखे राशन किट वितरित किए जाएंगे। इन किट का उद्देश्य बाढ़ प्रभावित परिवारों की तत्काल खाद्य जरूरतों को पूरा करना है। राहत सामग्री का वितरण गंजाम जिला प्रशासन की निगरानी और समन्वय में किया जाएगा।
राशन किट में शामिल होंगी जरूरी वस्तुएं-
जानकारी के अनुसार, प्रत्येक किट में चावल, दाल, रिफाइंड तेल, चीनी, चूड़ा, बिस्कुट, मोमबत्ती और माचिस जैसी आवश्यक वस्तुएं शामिल होंगी। फाउंडेशन के मुताबिक, एक राशन किट से किसी परिवार की लगभग तीन दिनों की बुनियादी जरूरतें पूरी करने में मदद मिल सकती है। लगातार बारिश के कारण गंजाम जिले के कई गांव जलमग्न हो गए हैं। नदियों का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी और कई स्थानों पर सड़क संपर्क भी टूट गया। इससे राहत और बचाव कार्यों में प्रशासन को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
प्रशासन के साथ मिलकर होगा वितरण-
अदाणी फाउंडेशन राहत सामग्री के वितरण में जिला प्रशासन को परिचालन सहयोग देगा। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों की जरूरतों के आधार पर सामग्री पहुंचाने और वितरण की व्यवस्था करेगा। दूरदराज और संपर्कविहीन इलाकों को प्राथमिकता दिए जाने की संभावना है। 30 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, गंजाम जिले में करीब 43 हजार लोग बाढ़ से प्रभावित हुए थे। इनमें से 23 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित निकालकर 352 राहत केंद्रों में पहुंचाया गया था। कुछ दुर्गम क्षेत्रों में हेलीकॉप्टरों के माध्यम से खाद्य पैकेट भी पहुंचाए गए।
मुख्यमंत्री ने किया हवाई सर्वेक्षण-
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बाढ़ प्रभावित गंजाम और गजपति जिलों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया था। उनके साथ राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
पुनर्वास भी बड़ी चुनौती-
बाढ़ का पानी उतरने के बाद भी प्रभावित परिवारों के सामने कई चुनौतियां बनी रहेंगी। घरों की मरम्मत, घरेलू सामान की व्यवस्था, पेयजल की उपलब्धता और आजीविका दोबारा शुरू करना बड़ी प्राथमिकताएं होंगी। दैनिक मजदूरी, छोटे कारोबार और कृषि पर निर्भर परिवारों को बाढ़ के बाद आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में तत्काल राहत के साथ दीर्घकालिक पुनर्वास और स्थानीय बुनियादी सुविधाओं की बहाली भी जरूरी होगी।
अदाणी फाउंडेशन ने कहा है कि 6,500 राशन किट का वितरण स्थानीय प्रशासन के राहत अभियान को मजबूती देगा। हालांकि, प्रभावित परिवारों की जरूरतों को देखते हुए राहत और पुनर्वास कार्यों को स्थिति सामान्य होने तक जारी रखना आवश्यक होगा।






.jpeg)
.jpeg)
.jpeg)
.jpg)




Comments