पुसौर में जनसेवा की अनूठी मिसाल: विशाल नेत्र शिविर में उमड़ी भीड़, 3400 से अधिक लोगों की हुई जांच...
सेवा मेरा योगदान: पुसौर में विशाल नेत्र जांच शिविर, 3493 लोगों की हुई जांच...
3165 जरूरतमंदों को निःशुल्क चश्मे और 800 लोगों को दवाइयां वितरित...
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने शिविर का किया अवलोकन, हितग्राहियों को पहनाए चश्मे और चिकित्सकों का किया सम्मान...
सेवा को केवल उत्सव तक सीमित नहीं, जरूरतमंदों तक पहुंचाने का माध्यम बनाया : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी...

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से:-
रायगढ़: ग्रामीण अंचल के जरूरतमंदों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए 'सेवा मेरा योगदान' अभियान के तहत पुसौर के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में एक दिवसीय वृहद निःशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस महा-अभियान में आसपास के ग्रामीण इलाकों से भारी संख्या में लोग पहुंचे और अपनी आँखों की जांच कराई।

रिकॉर्ड संख्या में बांटे गए चश्मे और दवाइयां -
शिविर में कुल 3,493 नागरिकों के नेत्रों का परीक्षण किया गया। डॉक्टरों की सलाह पर इनमें से 3,165 जरूरतमंदों को मौके पर ही निःशुल्क चश्मे और लगभग 800 लोगों को जरूरी दवाइयां वितरित की गईं। शिविर में सुचारू व्यवस्था के लिए 14 अलग-अलग पंजीयन काउंटर बनाए गए थे, जहां महिलाओं और पुरुषों के लिए पृथक लाइन की व्यवस्था थी। 10 से अधिक विशेषज्ञ चिकित्सकों और 38 नेत्र सहायकों की टीम ने सुबह 9 बजे से मोर्चा संभाला। इसके अलावा, एनएसएस और स्काउट-गाइड के विद्यार्थियों ने वालंटियर के रूप में पंजीकरण से लेकर चश्मा वितरण तक में सराहनीय योगदान दिया। आगंतुकों के लिए पेयजल, भोजन और छाया का भी पुख्ता प्रबंध किया गया था।

स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बेहद जरूरी: ओ.पी. चौधरी -
मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम का अवलोकन करने पहुंचे वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने महात्मा गांधी और मां सरस्वती के तैलचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का आगाज किया।
इस दौरान उन्होंने अपने स्कूली दिनों का संस्मरण साझा करते हुए बताया कि उन्हें खुद 12वीं कक्षा तक अपनी दृष्टि की कमजोरी का आभास नहीं हुआ था। उन्होंने कहा कि हमें किसी गंभीर बीमारी या लक्षण के उभरने का इंतजार नहीं करना चाहिए, बल्कि नियमित अंतराल पर स्वास्थ्य परीक्षण की आदत डालनी चाहिए। उन्होंने विशेष तौर पर बच्चों की नियमित आई-चेकअप पर जोर दिया ताकि पढ़ाई के दौरान उन्हें किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। साथ ही, उन्होंने इस पहल को केवल एक आयोजन तक सीमित न रखकर सेवा का एक सशक्त माध्यम बताया।

कार्यक्रम के अंत में वित्त मंत्री ने उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों, प्रशासनिक अमले और विद्यार्थियों का आभार जताया। उन्होंने अपने हाथों से कई हितग्राहियों को चश्मे, पांच लोगों को आयुष्मान कार्ड और चिकित्सकों को प्रशस्ति पत्र व शाल भेंट किए। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए वन विभाग की ओर से पौधे भी बांटे गए।
550 से अधिक पंचायतों से लाई गई जनता -
जिला कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने बताया कि इस शिविर को सफल बनाने के लिए पिछले एक सप्ताह से जिले की 550 से अधिक ग्राम पंचायतों में व्यापक प्रचार किया गया था। सुदूर गांवों के लोगों को आवागमन में दिक्कत न हो, इसके लिए विशेष वाहनों का प्रबंध भी किया गया था। उन्होंने बताया कि सरकारी स्कूलों के करीब 45 हजार बच्चों के नेत्र परीक्षण का कार्य भी समानांतर रूप से चल रहा है ताकि शुरुआती स्तर पर ही समस्याओं की पहचान की जा सके।

लाभान्वित ग्रामीणों के खिले चेहरे -
शिविर में लाभ पाने वाले स्थानीय नागरिकों ने सरकार और प्रशासन की इस पहल की जमकर सराहना की। झारमुड़ा की सतरूपा पटेल और बायंग की योगिता महंत ने बताया कि उन्हें लंबे समय से दृष्टि संबंधी समस्याएं थीं, लेकिन समय और संसाधनों के अभाव में वे डॉक्टर के पास नहीं जा पा रही थीं। यहाँ एक ही छत के नीचे जांच और तुरंत चश्मा मिलने से उन्हें दैनिक कार्यों और पठन-पाठन में बड़ी राहत मिली है।
इस अवसर पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, अधिकारी, स्वास्थ्य कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।






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