निलंबित आरक्षक ही निकला अपने घर का चोर, दोस्तों के साथ मिलकर अलमारी से उड़ाए जेवर और नकदी.....

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। नशे की लत ने एक रक्षक को ही भक्षक बना दिया। पुलिस विभाग में अनुकंपा नियुक्ति पाने वाला एक निलंबित आरक्षक अपनी नशे की लत को पूरा करने के लिए खुद के ही घर में सेंध लगा बैठा। उसने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर घर से सोने-चांदी के गहने और नकदी पार कर दिए। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी का माल और वारदात में प्रयुक्त बुलेट बाइक जब्त कर ली है। यह पूरा मामला सकरी थाना क्षेत्र का है।
रीवा गईं थीं गृहस्वामी, पीछे से सूने घर को बनाया निशाना -
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, सागरदीप कॉलोनी निवासी महिला तीज का त्योहार मनाने के लिए अपने पैतृक गांव रीवा गई हुई थी। इसी दौरान उनके घर में चोरी की यह घटना अंजाम दी गई। जब परिजनों ने अलमारी और लॉकर का ताला टूटा देखा, तो उन्होंने तुरंत इसकी सूचना गृहस्वामी को दी। खबर मिलते ही महिला बिलासपुर वापस लौटीं और घर का सामान चेक किया, तो होश उड़ गए। लॉकर में रखे सारे सोने-चांदी के जेवर और नकदी गायब थे। इसके बाद सकरी थाने में तुरंत चोरी की धाराओं में मामला दर्ज कराया गया।
शक के दायरे में आया खुद का बेटा -
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तफ्तीश शुरू की और आसपास के लोगों के साथ-साथ घर में आने-जाने वाले संदिग्धों की सूची बनाई। जांच के दौरान पुलिस की सुई महिला के बेटे आशीष मिश्रा पर आकर अटक गई, क्योंकि घटना के वक्त वह घर पर ही मौजूद था। उसकी संदिग्ध हरकतों और गतिविधियों को भांपते हुए पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया और कड़ाई से पूछताछ शुरू की।
दो दोस्तों के साथ रची थी साजिश -
पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा (31) ने अपने दो साथियों—सिविल लाइन क्षेत्र के 27 खोली निवासी सूरज सिंह ठाकुर उर्फ मोना (27) और उसलापुर निवासी अनुराग चौधरी उर्फ लालू (23) के साथ मिलकर चोरी की पूरी योजना का पर्दाफाश कर दिया। चूंकि आशीष घर का बेटा था, इसलिए उसे अलमारी और लॉकर की सारी जानकारी पहले से ही पता थी। उसने अपने इन दोनों दोस्तों को साथ मिलाकर इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने तीनों के पास से चोरी किए गए गहने और घटना में इस्तेमाल की गई बुलेट बाइक बरामद कर ली है।
नशे की लत बनी तबाही की वजह -
सीएसपी परमेश्वर तिलकवार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपी आशीष मिश्रा पुलिस विभाग में आरक्षक के पद पर था और उसे पिता की मौत के बाद अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। हालांकि, गंभीर लापरवाही और नशे की बुरी लत के चलते उसे पहले ही विभाग द्वारा निलंबित कर दिया गया था। नशे की अपनी रोजमर्रा की जरूरतों और शौक को पूरा करने के लिए उसने अपने ही घर को लूटने की साजिश रची। पुलिस ने तीनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी तलाश कर रही है।






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