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राजधानी में गणेशोत्सव समिति और स्वयंसेवकों का सम्मान समारोह आयोजित...

42 minutes ago
2 min read
  • गणेशोत्सव समाज को जोड़ने और संगठित करने का महापर्व: सांसद बृजमोहन अग्रवाल |

  • लोकमान्य तिलक ने समाज को संगठित करने शुरू किया था सार्वजनिक गणेशोत्सव, हमें भी अनुशासन और सामाजिक समरसता बनाए रखना है: बृजमोहन |

  • झांकियों और प्रतिमाओं के माध्यम से नई पीढ़ी को मिल रहे हमारी संस्कृति और इतिहास के संस्कार |

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से :-



















रायपुर :- सोमवार को पुरानी बस्ती अग्रसेन भवन में आयोजित ‘गणेशोत्सव समिति सम्मान समारोह’ में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने राजधानी में आयोजित में गणेश उत्सव के आयोजकों, समिति के पदाधिकारियों और व्यवस्था संभालने वाले सक्रिय स्वयंसेवकों का सम्मान किया। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं की मेहनत और सेवाभाव की सराहना की।

समारोह को संबोधित करते हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने सार्वजनिक गणेशोत्सव की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने आजादी के आंदोलन के दौरान देश और समाज को अंग्रेजों के खिलाफ संगठित करने के लिए गणेश जी की सार्वजनिक स्थापना की नींव रखी थी।

उन्होंने कहा कि, आज भी यह उत्सव हमारे मोहल्लों, कॉलोनियों और समाज को एक सूत्र में पिरोने का सबसे बड़ा माध्यम बना हुआ है। अग्रवाल ने कहा कि गणेशोत्सव के दौरान मोहल्ले और कॉलोनियों के सभी लोग—बच्चे, बुजुर्ग, नौजवान—एक साथ आरती और पूजा में शामिल होते हैं, जिससे आपसी मेलजोल और भाईचारा बढ़ता है। गरीब-अमीर सभी का इसमें बराबर योगदान रहता है और यही सामाजिक एकता की असली ताकत है।

युवाओं को अनुशासन और विसर्जन व्यवस्था का दिया संदेश -

सांसद ने युवाओं को सीख देते हुए कहा कि उत्सव में मौज-मस्ती और उल्लास जरूर होना चाहिए, लेकिन इसके साथ ही व्यवस्था और अनुशासन बनाए रखना भी हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, "यह उम्र मस्ती करने की है, खूब मस्ती करो, लेकिन मस्ती के साथ व्यवस्था भी ऐसी हो कि किसी को परेशानी न हो। पंडालों और विसर्जन के दौरान धक्का-मुक्की, हुड़दंग या बहनों-बेटियों के साथ किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।"

संस्कृति और संस्कारों को आगे बढ़ा रही हैं झांकियां-

प्रतिमाओं और पंडालों के बदलते स्वरूप की चर्चा करते हुए अग्रवाल ने कहा कि आज समितियां श्रवण कुमार, हनुमान जी और अन्य पौराणिक कहानियों पर आधारित जीवंत झांकियां और मूर्तियां सजा रही हैं। इसे देखकर 5-10 साल के छोटे बच्चे अपने माता-पिता से सवाल पूछते हैं और उन्हें हमारे वेद, पुराण, रामायण, महाभारत और गीता के संस्कारों की जानकारी मिलती है। नई पीढ़ी को धर्म और इतिहास से जोड़ने का यह बेहतरीन माध्यम है।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने आयोजन को सफल बनाने के लिए जोन अध्यक्ष एवं पार्षद अंबर अग्रवाल, भाजयुमो जिला मंत्री श्लोक शर्मा, समाज सेवी विशाल खंडेलवाल, सुरेश शर्मा समेत पूरी टीम को बधाई दी है।

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