उत्तर प्रदेश में शिक्षा को पंख: मेधावी छात्राओं को जल्द मिलेगी स्कूटी...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में छात्र और युवाओं के विकास को गति देते हुए राज्य सरकार ने डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से छात्रवृत्ति का वितरण तेज कर दिया है। हाल ही में राजधानी लखनऊ के लोकभवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान चालू वित्त वर्ष के लिए पूर्वदशम और दशमोत्तर कक्षाओं के 4.60 लाख से अधिक विद्यार्थियों के खातों में 148 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे ट्रांसफर की गई। इस अवसर पर मेधावी विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए।
सरकार का लक्ष्य इस वर्ष छात्रवृत्ति का दायरा बढ़ाकर 70 लाख विद्यार्थियों तक पहुंचाने का है। कार्यक्रम के दौरान यह घोषणा भी की गई कि आगामी महीने में प्रदेश की 50,000 मेधावी बालिकाओं को मुफ्त स्कूटी प्रदान की जाएगी, जिससे उनकी आवाजाही और उच्च शिक्षा सुगम हो सकेगी।
पारदर्शिता और समयबद्धता पर जोर -
प्रशासनिक सुधारों का जिक्र करते हुए सरकार ने स्पष्ट किया कि पहले छात्रवृत्ति वितरण में काफी अनियमितताएं थीं और बिचौलिए प्रक्रिया में बाधा बनते थे। लेकिन अब डिजिटल तकनीक और जीरो-बैलेंस बैंक खातों के जरिए भ्रष्टाचार पर पूरी तरह लगाम कस चुकी है। छात्रों के लिए अब छात्रवृत्ति वितरण की समय-सीमा भी तय कर दी गई है, जिससे हर साल 2 अक्टूबर और 26 जनवरी तक जरूरतमंदों के खातों में राशि पहुंचना सुनिश्चित हो रहा है।
युवाओं को शिक्षा और किताबों से जोड़ने की अपील -
छात्रों का मार्गदर्शन करते हुए उन्हें छात्रवृत्ति की राशि को केवल शिक्षा, अच्छी पाठ्य पुस्तकों और ज्ञानवर्धक साहित्य पर खर्च करने की सलाह दी गई। सरकार युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए टैबलेट वितरण अभियान भी चला रही है, जिसके तहत अब तक लाखों युवाओं को इसका लाभ मिल चुका है। साथ ही, जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 'मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग' योजना वरदान साबित हो रही है।
शिक्षा के बुनियादी ढांचे में ऐतिहासिक बदलाव -
प्रदेश की शैक्षिक तस्वीर पर बात करते हुए बताया गया कि पिछले कुछ वर्षों में 'ऑपरेशन कायाकल्प' के माध्यम से परिषदीय विद्यालयों की दशा सुधारी गई है। स्कूलों में छात्र-छात्राओं के लिए अलग शौचालय, पेयजल, फर्नीचर और स्मार्ट क्लासेज जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अलावा, निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए अटल आवासीय विद्यालय और बालिकाओं के लिए कस्तूरबा गांधी विद्यालयों का विस्तार किया गया है। सरकार का यह प्रयास उत्तर प्रदेश के नौनिहालों को वर्ष 2047 के विकसित भारत के सपने से जोड़ रहा है।






.jpeg)
.jpeg)
.jpeg)
.jpg)



Comments