google.com, pub-3310156774694367, DIRECT, f08c47fec0942fa0
top of page
WhatsApp Image 2025-09-10 at 15.54_edite
ADN FILMS POSTER

BREAKING ADN NEWS

WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.31.jpeg
WhatsApp Image 2026-09-08 at 12.10.10.jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.30 (2).jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.31 (1).jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.30 (1).jpeg

आयोग 19 लाख मतदाताओं के नाम काटे क्यों? कारण सहित जिला-वार सूची सार्वजनिक करे - कांग्रेस

16 hours ago
2 min read

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से:-

रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजनीति में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर घमासान मच गया है। प्रदेश कांग्रेस ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर तीखा सवाल उठाते हुए 19 लाख मतदाताओं के नाम हटाने के पीछे की पूरी सच्चाई सार्वजनिक करने की मांग की है। कांग्रेस का आरोप है कि ये पूरी प्रक्रिया विपक्ष को नुकसान और एक दल विशेष को फायदा पहुंचाने के लिए सुनियोजित तरीके से की गई थी।


19 लाख नामों पर आयोग की सफाई और कांग्रेस का पलटवार

मुख्य प्रवक्ता ने तीखा रुख अपनाते हुए कहा कि एसआईआर के दौरान जिन 19 लाख लोगों के नाम सूची से हटाए गए थे, अब उन्हें दोबारा जोड़ने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। यह इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि तब आम नागरिकों के साथ मनमानी की गई थी। बिना ठोस वजह के नाम काटे जाने से जनता को भारी मानसिक परेशानी झेलनी पड़ी और उन्हें सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़े। कांग्रेस का सवाल है कि इस प्रशासनिक लापरवाही और उत्पीड़न की जिम्मेदारी किसकी है? जब उस वक्त गड़बड़ियों की शिकायतें दर्ज कराई गईं, तो आयोग ने किसके दबाव में उन पर चुप्पी साधे रखी?


जिला-वार ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग

कांग्रेस ने मांग की है कि चुनाव आयोग केवल नाम जोड़ने का ढोंग न करे, बल्कि इसके पीछे का पूरा डेटा जनता के सामने रखे। पार्टी ने निम्नलिखित खुलासे की मांग की है:


  • राज्य के किस जिले, विधानसभा क्षेत्र और मतदान केंद्र से कितने मतदाताओं के नाम काटे गए।

  • हर एक नाम को हटाने के पीछे का स्पष्ट कानूनी और तथ्यात्मक कारण क्या था।

  • एसआईआर प्रक्रिया के दौरान कुल कितने दावे और आपत्तियां दर्ज हुईं तथा प्रभावित मतदाताओं को इसकी क्या सूचना दी गई थी।


पार्टी का कहना है कि इन आंकड़ों के सार्वजनिक होने से जनता और राजनीतिक दल पूरी पारदर्शिता के साथ सच्चाई की खुद जांच कर सकेंगे।


लोकतंत्र की विश्वसनीयता पर मंडराता खतरा

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि जानबूझकर बड़े पैमाने पर नाम हटाकर चुनाव की निष्पक्षता को गंभीर संकट में डाला गया है। लोकतंत्र की मूल आत्मा मतदाता और उसका मताधिकार होता है, जिसे राजनीतिक लाभ के लिए प्रभावित किया गया। पार्टी का दावा है कि अब नए सिरे से नाम जोड़ने का अभियान इस बात पर मुहर लगाता है कि कांग्रेस के लगाए गए आरोप पूरी तरह सही थे और सुनियोजित षड्यंत्र के तहत चुनिंदा वोटर्स को काटा गया था ताकि चुनावी मैदान में अनुचित लाभ मिल सके।


Comments


© 2018 by Anis lala dani. Proudly created with breakingadnnews.com

  • Subscribe Channale
bottom of page
naver-site-verification: navere8d42c0359e3e135363406d5b6093c27.html