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सब्जी-बाड़ी और महतारी वंदन योजना ने बदली बम्हनी की ईश्वरी की तकदीर, उधार मांगने की मजबूरी से लेकर आत्मनिर्भरता तक का सफर...

Oct 5
2 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-

जीपीएम जिले के पेण्ड्रा विकासखण्ड के दूरस्थ वनांचल ग्राम बम्हनी की रहने वाली 40 वर्षीय ईश्वरी मरकार के लिए हर महीने बैंक खाते में आने वाली एक हजार रुपये की सहायता राशि महज एक आर्थिक मदद नहीं, बल्कि उनके आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव बन गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार द्वारा संचालित महतारी वंदन योजना का सकारात्मक असर अब ग्रामीण महिलाओं के जीवन साफ तौर पर दिखने लगा है।


उधार के दौर से बाहर निकलीं ईश्वरी -

एक समय ऐसा था जब ईश्वरी के लिए घर की छोटी-छोटी जरूरतें पूरी करना भी किसी चुनौती से कम नहीं था। पैसों की तंगी के चलते उन्हें अक्सर दूसरों के सामने हाथ फैलाना पड़ता था और कई बार जरूरत के वक्त उधार भी नहीं मिल पाता था, जिससे वह हताश हो जाती थीं। सीमित आमदनी में घर खर्च चलाना और बच्चों की पढ़ाई का प्रबंध करना मुश्किल हो रहा था। लेकिन इस योजना से मिलने वाले नियमित आर्थिक संबल ने उनकी इस निर्भरता को खत्म कर दिया है। अब उन्हें अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए किसी के आगे मोहताज नहीं होना पड़ता।


एक हजार रुपये को बनाया कमाई का जरिया -

ईश्वरी ने इस राशि का उपयोग केवल दैनिक खर्चों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि सूझबूझ दिखाते हुए इसका एक हिस्सा अपने घर के पीछे खाली पड़ी जमीन पर सब्जी-बाड़ी विकसित करने में लगाया। आज उनकी इस बाड़ी में उगाई जाने वाली ताजी सब्जियां न केवल उनके परिवार के पोषण का जरिया हैं, बल्कि अतिरिक्त उपज को स्थानीय बाजार में बेचकर वह अपनी आमदनी भी बढ़ा रही हैं। इससे जहां एक तरफ घर के राशन का खर्च बचा है, वहीं दूसरी तरफ कमाई का एक नियमित स्रोत भी तैयार हो गया है।


बच्चों की पढ़ाई और बढ़ा आत्मविश्वास -

आर्थिक रूप से मजबूत होने का असर बच्चों की शिक्षा पर भी पड़ा है। इस निश्चित सहायता से ईश्वरी को अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई से जुड़ी छोटी-मोटी जरूरतों को पूरा करने में बड़ी राहत मिली है। दूसरों से पैसे मांगने की विवशता से निकलकर अपनी मेहनत के दम पर आगे बढ़ने का यह सफर उनके भीतर आत्मसम्मान और आत्मविश्वास को बढ़ा रहा है।


वनांचल की वादियों में हरी-भरी यह सब्जी-बाड़ी अब ईश्वरी के बदलते जीवन की कहानी खुद बयां कर रही है। शासन की इस कल्याणकारी योजना और खुद की दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर ईश्वरी ने साबित कर दिया है कि सही सहयोग मिलने पर ग्रामीण महिलाएं भी अपने परिवार की मजबूत आर्थिक ताकत बन सकती हैं। उन्होंने इस सफलता के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार जताया है।

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