रायपुर में स्मार्ट सिटी के ₹3 करोड़ के डामरीकरण पर बवाल, बिना ड्रेनेज सुधार सड़क निर्माण को लेकर उठे सवाल...

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की कलम से :-
रायपुर के वामनराव लाखे वार्ड (क्रमांक 66) के कुशालपुर से प्रोफेसर कॉलोनी मार्ग पर करीब ₹2.96 करोड़ की लागत से बनने वाली नई डामर सड़क को लेकर स्थानीय स्तर पर तीखा विरोध शुरू हो गया है। अधिवक्ता मनोज सिंह ठाकुर ने इस कार्य के भूमिपूजन पर आपत्ति जताते हुए इसे भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने की कोशिश करार दिया है। उनका कहना है कि क्षेत्र में जलभराव और ट्रैफिक जाम की मूल समस्या को हल किए बिना केवल ऊपरी लीपापोती की जा रही है।
RTI से सामने आया था ड्रेनेज का मामला -
सामने आए दस्तावेजों के अनुसार, स्मार्ट सिटी योजना के तहत वर्ष 2021-22 में स्वीकृत कुशालपुर-संतोषी नगर-सुंदर नगर ड्रेनेज प्रोजेक्ट तय समय पर पूरा नहीं हो सका था। इसके बावजूद संबंधित ठेकेदार पर किसी तरह की पेनाल्टी नहीं लगाई गई और बिना थर्ड-पार्टी ऑडिट के ही शत-प्रतिशत भुगतान कागजों पर दर्शा दिया गया। इसका परिणाम यह है कि आज भी हल्की बारिश में भी इस इलाके की सड़कों और घरों में गंदा पानी भर जाता है।
जाम और संकरे रास्तों से जनता परेशान -
स्थानीय निवासियों का तर्क है कि गोपिया पारा से माँ दंतेश्वरी मंदिर और संतोषी चौक होते हुए रिंग रोड तक जाने वाला मार्ग काफी संकरा है। इस वजह से रोजाना भारी ट्रैफिक जाम लगता है, जिससे स्कूली बच्चों और मरीजों को ले जाने वाली एंबुलेंस को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बिना अतिक्रमण हटाए और सड़क को चौड़ा किए केवल डामर बिछाने से न तो जाम से राहत मिलेगी और न ही जलभराव की समस्या खत्म होगी।
प्रमुख मांगें और चेतावनी -
ड्रेनेज सुधार पहले: डामर बिछाने से पहले इलाके की भूमिगत जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए और पिछले कार्यों की उच्चस्तरीय जांच हो।
सड़क चौड़ाईकरण: मास्टर प्लान के तहत अतिक्रमण हटाकर मार्ग को चौड़ा किया जाए।
आंदोलन की चेतावनी: यदि जनता के गाढ़े पसीने की कमाई को इस तरह कागजी विकास के नाम पर बर्बाद किया गया, तो स्थानीय नागरिकों के साथ मिलकर उग्र प्रदर्शन किया जाएगा और कानूनी कदम उठाए जाएंगे।






.jpeg)
.jpeg)
.jpeg)
.jpg)




Comments