फाफाडीह के टकीला बार में बिक रही थी अवैध शराब, दो गिरफ्तार; पुलिसकर्मियों पर भी लगे गंभीर आरोप....

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
रायपुर: गांधी जयंती के पावन अवसर पर पूरे राज्य में पूर्ण शराबबंदी और ड्राई डे (शुष्क दिवस) का सख्त आदेश था, लेकिन राजधानी रायपुर में नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाई गईं। फाफाडीह इलाके में स्थित मशहूर 'टकीला बार' में ड्राई डे के दौरान धड़ल्ले से अवैध रूप से शराब बेची जा रही थी। इस अवैध कारोबार का भंडाफोड़ तब हुआ जब इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद हरकत में आई गंज थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
वीडियो वायरल होने के बाद एक्शन में आई पुलिस -
सूत्रों के अनुसार, 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के मौके पर शासन के निर्देशानुसार सभी शराब दुकानों और बार-पब को पूरी तरह बंद रखने का आदेश था। इसके बावजूद फाफाडीह स्थित टकीला बार के भीतर नियमों को ताक पर रखकर शराब परोसी जा रही थी। जब इस कारनामे का वीडियो वायरल हुआ, तो पुलिस प्रशासन पर सवाल खड़े होने लगे। इसके बाद गंज थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत दबिश दी और शराब बेचने वाले दो संदिग्धों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि प्रतिबंध के बावजूद बार के दरवाजे खुले कैसे रहे और इसके पीछे किसका हाथ था।
पुलिसकर्मियों पर भी लग रहे हैं रिश्वत और संरक्षण के आरोप -
यह मामला सिर्फ अवैध शराब बिक्री तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें खाकी को दागदार करने वाले गंभीर आरोप भी सामने आए हैं। चर्चा है कि गंज थाने के एक आरक्षक सौरव यादव पर कार्रवाई से बचाने के एवज में 11 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का कथित ऑडियो-वीडियो वायरल हुआ है।
इसके अलावा, क्षेत्र में अवैध गतिविधियों को संरक्षण देने के मामले में गंज थाने के ही अन्य आरक्षकों - राठौर, ज्योति प्रकाश, दिनेश वर्मा और प्रदीप राय के नाम भी चर्चा में आ रहे हैं। हालांकि, इन पुलिसकर्मियों पर लगे आरोपों और वायरल वीडियो की सत्यता की अभी अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस उच्च अधिकारियों का कहना है कि निष्पक्ष जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि इस अवैध धंधे में और कौन-कौन लोग शामिल थे।






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