राजधानी में तिरंगा मार्च आज, सुरक्षा कड़ी और यातायात मार्ग में बदलाव...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-
नई दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से शुक्रवार को आयोजित 'लहरा दो तिरंगा' मार्च को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। हालांकि इस प्रदर्शन के लिए आधिकारिक अनुमति नहीं दी गई है, जिसके चलते मध्य दिल्ली में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू कर दी गई है। इस नियम के तहत बिना अनुमति के भीड़ इकट्ठा करने, मार्च निकालने या किसी भी तरह के प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
सुरक्षा व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए लुटियंस जोन और कनॉट प्लेस के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। कानून व्यवस्था संभालने के लिए सुरक्षा बलों को तीन अलग-अलग शिफ्टों में बांटा गया है। कुल मिलाकर 11 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है, जिनमें स्थानीय पुलिस बल के साथ अर्धसैनिक बलों की लगभग 220 कंपनियां और रैपिड एक्शन फोर्स शामिल है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पांच हजार से अधिक अतिरिक्त जवानों को रिजर्व में रखा गया है।
संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के कड़े पहरे के बीच ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है। इसके साथ ही कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क को आम नागरिकों के लिए बंद कर दिया गया है और इसके चारों ओर बैरिकेड्स लगा दिए गए हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे बिना अनुमति वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। हालांकि, तय नियमों का पालन करते हुए कुछ चुनिंदा लोगों को निर्धारित स्थल पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने और राष्ट्रगान की अनुमति दी जा सकती है।
प्रशासन ने इस आयोजन के चलते रूट डायवर्जन प्लान भी जारी किया है। दोपहर तीन बजे से कनॉट प्लेस और आसपास के रास्तों पर यातायात प्रभावित हो सकता है। इसे देखते हुए करीब 21 प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही में बदलाव किया जा सकता है, जिसमें संसद मार्ग, बाबा खड़क सिंह मार्ग, बाराखंभा रोड, केजी मार्ग, अशोक रोड, मिंटो रोड और तिलक मार्ग शामिल हैं। इसके अतिरिक्त आईटीओ, मंडी हाउस, इंडिया गेट और डीडीयू मार्ग पर भी ट्रैफिक का दबाव बढ़ने की संभावना है।
यातायात पुलिस ने वाहन चालकों को सलाह दी है कि वे नई दिल्ली के मध्यवर्ती इलाकों में जाने से बचें और वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करें। सफर के लिए मेट्रो का इस्तेमाल करना बेहतर विकल्प रहेगा। यह विरोध प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को रोकने की मांग को लेकर किया जा रहा है, जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों के शामिल होने की संभावना है।






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