जनता की गाढ़ी कमाई पर प्रचार-प्रसार का यह उत्सव.....

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की कलम से:-
सबका साथ, सबका विकास' का नारा तो गूंजता ही रहता है, लेकिन 'अपना प्रचार, अपना ही विकास का यह आंकड़ा भी चौंका देने वाला है। पोस्टर में दी गई जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ सरकार ने सिर्फ प्रचार-प्रसार पर ही इतने अरब खर्च कर दिए हैं, जितने कि कई महत्वपूर्ण जनहितकारी योजनाओं के लिए भी नहीं मिल पाते। 'विकास' का ढोल तो बजता ही है, लेकिन क्या यह विकास सिर्फ विज्ञापनों में ही सिमटकर रह गया है..?"






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